मुंबई । एनसीएलटी की ओर से हरी झंडी दिखाए जाने के बाद भारत फाइनेंशियल और इंडसइंड बैंक की विलय योजना 4 जुलाई से प्रभावी होने जा रही है। एनसीएलटी ने भारत फाइनेंशियल, इंडसइंड बैंक और इंडसइंड फाइनेंशियल इंक्लूजन तथा इनके संबंधित शेयरधारकों और लेनदारों के बीच विलय को मंजूरी दे दी थी। गौरतलब है कि भारत फाइनेंशियल और इंडसइंड बैंक के विलय की घोषणा पिछले साल अक्टूबर में की गई थी। विलय के बाद भारत फाइनेंशियल की सभी संपत्तियाँ और देनदारियां बैंक की संपत्तियां और देनदारियां बन जाएंगी। इसके साथ ही भारत फाइनेंशियल के कर्मचारी इंडसइंड फाइनेंशियल इंक्लूजन के अंतर्गत आ जायेंगे, जो बैंक की एक सहायक कंपनी है। इसके अलावा इंडसइंड फाइनेंशियल की सभी संपत्ति और देनदारियाँ बैंक की बैलेंस शीट में दर्ज हो जाएंगी। विलय योजना के तहत बैंक भारत फाइनेंशियल के शेयरधारकों को इसके 1,000 शेयरों के बदले अपने 639 शेयर जारी करेगा।