जबलपुर। किन्नरों की कोई जाति, धर्म नहीं होता। हम सभी धर्मों को मानते हैं। हम मंदिर भी जाते हैं, मस्जिद भी। हम नवरात्र में व्रत रखते हैं, तो रमजान का रोजा भी रखते हैं। गणेश उत्सव मनाते हैं, तो ताजिया भी निकालते हैं। यह बात हीरा किन्नर ने जमुना अग्रवाल सभागृह में प्रेसवर्ता के दौरान कही। उन्होंने असली-नकली किन्नर विवाद पर बोलते हुए कहा कि कुछ लोग अब किन्नरों को हिन्दु, मुस्लमान में बांटने की साजिश रच रहे हैं, जिसे हम नाकाम नहीं होने देंगे। 
हीरा बाई ने कहा कि अर्से से दो किन्नर गुटों के बीच सीमा विवाद चल रहा है, जिस पर हमने समझौता किया है। डीआईजी भगवत सिंह चौहान, सीएसपी दीपक मिश्रा, कोतवाली और लार्डगंज टीआई की उपस्थिति में यह समझौता किया गया है। हीरा बाई गुट और मकसूद गुट के बीच यह समझौता किया गया है। समझौते में सीमा तय की गई है। 
फफक कर रो पड़ीं हीरा बाई..........
प्रेसवार्ता के दौरान उस वक्त गहमागहमी का माहौल निर्मित हो गया, जब किन्नरों को हिन्दु और मुस्लिम होने का सवाल किया गया। इस सवाल से आहत हीरा बाई फफककर रोने लगीं। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म में अंतिम संस्कार की व्यवस्था है। हमारे आगे पीछे कोई नहीं होता, हमारा संस्कार कौन करेगा। इसलिए हम इस्लाम को अपनाते हैं। लेकिन इसके बाद भी हमारी सभी धर्मों में आस्था होती है। हम रामजान के रोजे भी रखते हैं और नवरात्र में व्रत भी रखते हैं। किन्नरों का कोई धर्म, जाति नहीं होती। हम सभी को सामन मानते हैं।
हमलावरों पर हो कार्रवाई...........
हीरा बाई ने कहा कि पिछले महीने किन्नर बबली तिवारी और गिन्नी नायक पर दूसरे गुट के सदस्यों ने जानलेवा हमला किया था। पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। दोनों किन्नर एक माह से अस्पताल में भर्ती हैं। लार्डगंज पुलिस को हमने सात आरोपियों के नाम भी बताए थे, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। संतोषी किन्नर के दावों को झूठा करार देते हुए हीरा बाई ने कहा कि वह किन्नरों में फूट डालने का काम कर रही है। वहीं किन्नरों के लिए कुछ नियम भी बनाए गए हैं।
हीरा गुट और मकसूद गुट के बीच यह तय हुआ-
- कोई भी किन्नर दोपहर २ बजे के बाद बधाई नहीं मांगेगा।
- प्रत्येक किन्नर विजिटिंग कार्ड रखेगा, जो यजमान को दिखा सकता है।
- दोनों गुट एक दूसरे के सदस्यों को अपने गुट में नहीं मिला सकते।
- दोनों गुट अपनी-अपनी सीमा के अंदर ही बधाई मांगेंगे।
- नकली और फर्जी किन्नरों को पुलिस के हवाले किया जाएगा।
- किन्नर भेष बदलकर बधाई नहीं मांग सकेंगे।