इन्दौर । बीमार होने के बाद ही हम उपचार के लिए चिकित्सक के पास जाते हैं। यदि हम नियमित रूप से योग करेंगे तो शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। योग से सकारात्मक सोच विकसित होती है जिसका हमारे स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है जो हमारे व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होता है। 
उक्त विचार योग प्रशिक्षक प्रशांत इंदूरकर ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के तहत सूचना और प्रसारण मंत्रालय के इंदौर स्थित क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो (एफ.ओ.बी.) द्वारा एरोबिक्स क्लब मेघदूत पार्क के सहयोग से आयोजित किए गए जन जागरूकता कार्यक्रम में व्यक्त किए। इंदूरकर ने कहा कि योग से मन और शरीर के बीच सामंजस्य स्थापित होता है जिससे व्यक्ति स्वस्थ रहने के साथ प्रसन्न भी रहता है।  योग पर केन्द्रित जन जागरूकता कार्यक्रम में एरोबिक्स क्लब के जितेंद्र मेश्राम ने कहा कि आज विश्व में करोड़ो लोग योग को अपनाकर स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। संचार क्रान्ति के कारण योग दिन प्रतिदिन विकसित और समृद्ध होता जा रहा है। उन्होने बताया कि योग, व्यायाम, प्राणायाम, ध्यान आदि से हामरे शरीर में आक्सीजन का स्तर बढ़ता है, नई ऊर्जा का संचार होता है जो हमें पूरे दिन ऊर्जावान बनाए में मदद करती है। योग करने से हमारी कार्यक्षमता भी बढ़ती है। क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो के सहायक निदेशक मधुकर पवार ने कहा कि केंद्र सरकार भी आयुष के तहत योग को बढ़ावा दे रही है। इसी के मद्देनजर अलग से ही आयुष मंत्रालय का गठन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही संयुक्त राष्ट्र महासभा ने हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाना शुरू किया है। इस साल हम पांचवा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाएंगे। पवार ने प्रतिभागियों से अनुरोध किया कि वे आगामी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकाल के तहत योग जरूर करें और नियमित योग करने की आदत डालें। इसी अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकाल के तहत योग प्रशिक्षक द्वय प्रशांत इंदूरकर और जितेंद्र मेश्राम ने योगाभ्यास कराया। उत्कृष्ट योग करने वाले कैलाश पवार, श्रीमती अंजु भट्ट और श्रीमती तारा चौहान को सम्मानित भी किया गया।