ग्वालियर ।   अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण ले सकते हैं। इसके लिए एमपी ऑनलाईन के माध्यम से आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 50 हजार से 10 लाख रूपए तक का ऋण ले सकते हैं। परियोजना लागत का 30 प्रतिशत अधिकतम 2 लाख रूपए मार्जिन मनी सहायता एवं 5 प्रतिशत की दर से 7 वर्ष तक ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा।    सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग ने बताया है कि मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना में 50 हजार रूपए तक जिसमें परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 15 हजार रूपए मार्जिन मनी सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री कृषि उद्यमी योजना में 50 हजार से 2 करोड रूपए तक परियोजना के पूंजी लागत का 15 प्रतिशत अधिकतम 12 लाख रूपए एवं बीपीएल के लिए परियोजना के पूंजी लागत का 20 प्रतिशत अधिकतम 18 लाख रूपए मार्जिन मनी सहायता एवं पूंजी लागत का 5 प्रतिशत, महिला उद्यमी को 6 प्रतिशत की दर से 7 वर्ष तक ब्याज अनुदान मिलेगा।     आवेदक अनुसूचित जनजाति वर्ग से एवं ग्वालियर जिले का मूल निवासी होना चाहिए। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री कृषि उद्यमी योजना के अंतर्गत आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के मध्य होना चाहिए। स्वरोजगार योजना के लिए आवेदक कम से कम 5वीं कक्षा उत्तीर्ण एवं कृषि उद्यमी योजना के लिए 10वीं कक्षा उत्तीर्ण हो। मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के तहत आवेदन करने के लिए आयु 18 वर्ष से 55 वर्ष के मध्य एवं बीपीएल राशनकार्ड होना चाहिए।    ऋण गारंटी निधि योजना के अंतर्गत गारंटी शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा केवल उद्योग एवं सेवा क्षेत्र के लिए देय होगी। व्यवसाय क्षेत्र के लिए नहीं। आवेदक किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक वित्तीय संस्था सहकारी बैंक का चूक कर्ता अशोधी नहीं होना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति किसी शासकीय योजना के अंतर्गत पूर्व में ऋण प्राप्त कर चुका है तो वह योजना के तहत पात्र नहीं होगा। आवेदक के पास स्थायी जातीय प्रमाणपत्र, राशन कार्ड, निवासी प्रमाणपत्र एवं पहचान पत्र होना अनिवार्य है। आवेदन एमपी ऑनलाईन के माध्यम से 30 जून तक जमा होंगे। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग से संपर्क किया जा सकता है।