पुणे. केंद्र सरकार की तुलना में महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार अच्छा काम कर रही है। ये बड़ा बयान सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने मंगलवार को दिया। भ्रष्टाचार पर ब्रेक लगाने के लिए केंद्रीय लोकपाल की तर्ज पर राज्य में लोकायुक्त कानून का मसौदा तैयार किया जा रहा है। इस मानसून अधिवेशन में उसे मंजूरी मिलने के बाद राज्य के भ्रष्ट मंत्रियों और नौकरशाहों पर कार्रवाई होगी। यह विश्वास अन्ना ने जताया है।
 
पुणे में शुरू हुई मसौदा समिति की बैठक

मंगलवार शाम को संयुक्त मसौदा समिति की बैठक हुई। इसमें शामिल होने से पहले अन्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार, ऑफिस में लापरवाही, वसूली और पद के दुरूपयोग करने वाले अधिकारियों पर लगाम लगाने के लिए राज्य में नया लोकायुक्त कानून तैयार करने की प्रक्रिया आखिरकार शुरू हो गई है। केंद्रीय लोकपाल कानून के अनुसार राज्य स्तर पर लोकायुक्त कानून का मसौदा तैयार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियुक्त की गई संयुक्त मसौदा समिति की बैठक मंगलवार को पुणे के यशदा में शुरू हुई।


लोकायुक्त कानून का प्रारूप होगा तैयार 
अन्ना ने बताया कि बैठक में लोकायुक्त कानून का प्रारूप तैयार किया जाएगा। सूचना का अधिकार कानून की तरह ही यह कानून भी मार्गदर्शक साबित होगा। केंद्र सरकार ने 2011 में लोकपाल-लोकायुक्त कानून को मंजूर कर इसके अनुसार केंद्र स्तर पर लोकपाल नियुक्त किया है। इसके बाद एक वर्ष के अंदर हर राज्य में लोकायुक्त कानून बनाना आवश्यक था।