रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए बेहतर कार्य योजना तैयार की जाए। उन्होंने अधिकारियों को दो दिवस के अंदर योजना के तहत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की तर्ज पर शहरी क्षेत्रों में भी जल संरक्षण की दिशा में कारगार योजना तैयार की जाए। डॉ. डहरिया ने शहर के सभी भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दिया। उन्होंने भू-जल संवर्द्धन के लिए पेड़-पौधे लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में घूमने वाले पशुओं की सुरक्षा के लिए गौठान की तर्ज पर उचित व्यवस्था किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों में नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी का कार्य किया जा रहा है, वे स्वंय गांव-गांव जाकर विकास कार्यो का अवलोकन करेंगे।
मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के सभी मकानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम निश्चित तौर पर लगवाया जाए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के लोगों के घर तक जल आपूर्ति करना सरकार का उददेश्य है। उन्होंने टैंकर मुक्त करते हुए शत-प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन लगाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जगदलपुर शहर पूर्ण रूप से टैंकर मुक्त हो चुका है। मंत्री डॉ. डहरिया ने इस पर खुशी जाहिर की और नियमित जल आपूर्ति हो इसका विशेष तौर पर ध्यान रखने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि फरसगांव में जल आवर्द्धन योजना से जुलाई में पीने का पानी सभी घरों तक पहुंचने लगेगा। चिन्हित स्थानों में वाटर एटीएम लगा दिए गए है और सभी वाटर एटीएम संचालित हो रही है। संभाग के सभी तालाबों की सफाई लगभग पूरा कर लिया गया है। नालो और नालियों की सफाई भी एक बार कर लिया गया है, दोबारा सफाई का काम चल रहा है। सफाई का कार्य बारिश से पहले पूरा कर लिया जाएगा। मंत्री डॉ. डहरिया ने 15 तारीख तक सफाई काम पूरा करने के निर्देश दिए।
डॉ. डहरिया ने शहरी क्षेत्रों के अग्नि रोधक नियमों का पालन करते हुए बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बैठक में श्रम विभाग की प्रगति की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदेश के श्रमिकों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि, अनुदान और प्रशिक्षण को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बस्तर संभाग के सभी जिलों के नगरीय प्रशासन और श्रम विभाग के अधिकारी मौजूद थे।