इन्दौर । राज्य शासन का दस्तक अभियान आज से शुरू हो गया है, जिसके तहत जिले के 4 लाख 94 हजार से अधिक बच्चों का सेवायें दी जायेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट आज इस अभियान का  ग्राम क्षिप्रा में शुभारंभ किया। इस अवसर पर कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नेहा मीना, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया और सिविल सर्जन डॉ. एम.पी. शर्मा  और जनसमुदाय उपस्थित था।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सिलावट ने प्रदेश और जिले की जनता से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। इस अवसर स्वास्थ्य मंत्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जायेगा। प्रदेश में न कवेल स्वास्थ्य केन्द्र भवन बनाये जायेंगे, बल्कि चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टॉफ कमी को पूरा किया जायेगा। दस्तक अभियान से प्रदेश के एक करोड़ से अधिक बच्चों को लाभ मिलेगा। यह एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है।
इस अवसर पर कलेक्‍टर लोकेश कुमार जाटव ने उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुये कहा कि राज्य सरकार मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना चाहती है। इसी सिलसिले में जिले में आज से दस्तक अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण किया जायेगा। यह अभियान एक बहुत बड़ा मिशन है, इसमें बड़ी संख्या में स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विकास विभाग के सैकड़ों कर्मचारी लगाये गये हैं। यह कर्मचारी घर-घर जाकर 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण करेंगे।
चर्चा के दौरान मुख्य चिकित्सा  एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रवीण जड़िया ने बताया है कि दस्तक अभियान का आयोजन 10 जून,2019 से 20 जुलाई,2019 तक किया जायेगा, इसमें आंगनवाड़ी, एएनएम और आशाकार्यकर्ता घर-घर जाकर 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचानकर उनका त्वरित प्रबंधन करेंगे, जिससे कि बाल-मृत्यु दर में प्रभावी कमी ला जा सकती है। इसमें मुख्यतौर पर समुदाय में बीमार बच्चों और नवजातों की पहचान, प्रबंधन एवं रेफरल, बाल्यकालीन एवं शैशव कालीन निमोनिया की पहचान, प्रबंधन, कुपोषित बच्चों को पहचानना तथा उपचार के लिये एनआरसी भेजना, बाल्यकालीन दस्तरोग नियंत्रण हेतु ओआरएस एवं जिंक के उपयोग के संबंध में जागरूकता, विटामिन-ए का अनुपूरण, 09 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों में दिखाई देने वाली जन्मजात विकृतियां, शिशु एवं बालआहार पूर्ति संबंधी समझाइश देना आदि गतिविधियों दस्तक दल घर-घर जाकर करेगा। इंदौर जिले में 4,94,000 बच्चों को दस्तक अभियान के द्वारा सेवाएं प्रदान की जायेगी।
इस कार्यक्रम में इस बार पुरूषों की सक्रिय भागीदारी के लिये ग्राम स्तर पर ग्राम सभा का आयोजन किया जायेगा, जिसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, किशोरी बालिकाओं में संतुलित आहर, माहवारी स्वच्छता, प्रसव पूर्व एवं प्रसव उपरांत जांच, जन्मोपरांत शिशु द्वारा एक घंटे के भीतर स्तनपान तथा 06 माह तक केवल स्तनपान, 06 माह पश्चात अनुपूरक आहार एवं स्वच्छ संबंधी व्यवहार के बारे में विस्तार से समझाया जायेगा। इसके साथ-साथ संचारी तथा असंचारी रोगों पर चर्चा की जायेगी। दस्तक अभियान के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिये हमें मजबूत रणनीति के साथ काम करना होगा। खासकर हमारा ध्यान हाईरिस्क एरिया, शहरी झुग्गी बस्ती, पहुंचविहीन क्षेत्रों, खानाबदोश आबादी, ईंट-भट्टे, बंजारा आबादी तथा निर्माणाधीन भवन पर होगा, इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले, ग्राम पंचायत तथा विकासखंड को पुरस्कृत किया जायेगा।