कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना के संदेशखाली क्षेत्र में रविवार को भी तनाव बरकरार है. यहां शनिवार रात तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में कम से कम चार लोग कथित तौर पर मारे गए. दोनों ही पार्टियां एक-दूसरे पर इस हिंसा का षडयंत्र रचने का आरोप लगा रही हैं. नाजट पुलिस थाना क्षेत्र में आने वाले इस गांव और इसके आस-पास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है. यहां शनिवार रात हिंसा भड़क उठी थी. रविवार को भाजपा नेतृत्व ने दावा किया कि इस झड़प में उनके पांच समर्थक मारे गए हैं.

वहीं तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि उसके छह कार्यकर्ता लापता हैं. तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता और भाजपा के दो समर्थकों के शवों की पहचान एक स्थानीय अस्पताल में उनके परिवार वालों ने कर ली है. रविवार सुबह से पुलिस कथित तौर पर लापता बताए गए लोगों की तलाश कर रही है. लोकसभा चुनाव के बाद हुई यह ‘सबसे भयानक हिंसा’ है.

दोनों ही पार्टियां दावा कर रही हैं कि उनके कार्यकर्ता लापता हैं  सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखते हुए भाजपा नेता मुकुल रॉय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अपनी बैठकों और भाषणों के जरिए बंगाल में राजनीतिक शत्रुता बढ़ाने का आरोप लगाया. रॉय रविवार को पार्टी के सात सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इस हिंसाग्रस्त क्षेत्र में करेंगे.

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के पांच सदस्य मारे गए हैं और कई अन्य लापता हैं. रॉय ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से बात करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस का स्थानीय नेता शाहजहां शेख भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमले का षडयंत्रकर्ता है.

वहीं राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक का कहना है कि हो सकता है कि तृणमूल कांग्रेस के लापता कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई हो. मल्लिक भी यहां राज्य मंत्रियों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘ हमें आशंका है कि तृणमूल कांग्रेस के छह कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई हो और उनके शवों को पानी में फेंक दिया गया हो.’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर एक जुलूस के दौरान हमला कर दिया. मंत्री ने यह भी दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत अपने ही ‘लोगों द्वारा’ चलाई गई गोली में हुयी है. तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के सूत्रों ने शनिवार को दावा किया कि क्षेत्र में भगवा झंडे हटाने को लेकर झड़प शुरू हुई थी.