जबलपुर। जून के प्रथम सप्ताह में जारी किये गये शासकीय आंकड़ों के अनुसार इंदिरा गृहज्योति योजना (पूर्व की सरल बिल योजना) में 6.7लाख हितग्राहियों ने 500 यूनिट तक प्रतिमाह बिजली जलाई, फिर भी वे केवल 100 रु प्रतिमाह बिल का भुगतान कर रहे थे। 
इस योजना के तहत् १०० यूनिट खपत पर मात्र १०० रु. का भुगतान होनाहै, मार्च 2019 में ऐसे हितग्राहियों की संख्या 62 लाख थी, जिसमें 10 प्रतिशत 6.7लाख लोगों ने गलत लाभ उठाया। इस योजना में कुल 195 करोड़ प्रतिमाह की सब्सिडी का भुगतान होना है, लेकिन इसकी 41 प्रतिशत की राशि की लूट इन 6.7 लाख लोगोें ने की है। इस तरह सरकारी खजाने को प्रतिमाह 89 करोड़ का चूना लगा है। 
2 ए.सी. फेन, टी.वी., कूलर की बिजली मुफ्त .........
2 ए.सी., कूलर, टी.वी., फेन पर बिजली की खपत 500 यूनिट प्रतिमाह होती है, लेकिन 6.7 लाख लोगों ने ऐसे बिजली खपत का मुफ्त लाभ उठाया है। 
सरकारी संरक्षण में लूट .........
आम नागरिक मित्र फाउण्डेशन ने आरोप लगाया है कि इतने बड़े भारी तादाद में लूट बिना सरकारी संरक्षण से नहीं हो सकती है, यह लूट मार्च से मई माह तक जारी थी और इन्हीं महीनों में लोकसभा चुनाव प्रदेश में होने थे। जाहिर है कि चुनावी लाभ लेने के लिये इन 6.7 लाख लोगों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। 
आम नागरिक मित्र फाउण्डेशन ने राज्यपाल को पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की हैै। बैठक में डॉ. पी.जी. नाजपांडे, रजत भार्गव, अनिल पचौरी, डॉ. एम.ए. खान, डॉ. एम.एल.व्ही, राव तथा राममिलन शर्मा आदि उपस्थित थे।