नई दिल्ली । हीरों की कीमतें ‎‎पिछले साल 1 जून से अब तक करीब 15 फीसदी तक कम हुई हैं। कंपनी के मुताबिक पिछले पांच सालों में पॉलिश्ड डायमंड की कीमतों में हुई यह सबसे बड़ी गिरावट है।  दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन बिजनस-2-बिजनस ट्रेडिंग प्लैटफॉर्म, रैपनेट डायमंड इंडेक्स ने 0.30 कैरेट डायमंड की कीमत 15 फीसदी की  गिरावट के साथ सूची जारी की है। गौरतलब है ‎कि 0.30 कैरेट के सबसे ज्यादा हीरे सूरत में छोटी और मीडियम यूनिट द्वारा बनाए जाते हैं। जून, 2019 के बाद पब्लिश हुई इंडेक्स के मुताबिक एक कैरेट से तीन कैरेट के बीच साइज वाले हीरे जिन्हें मुख्य तौर पर  ‎निवेश के तौर पर देखा जाता है। इनकी कीमतों में भी 6 और 14 प्रतिशत की गिरावट हुई है। 
रफ डायमंड की कीमतों में तेजी, डायमंड सेक्टर के लिए बैंक फाइनैंस कम होने, लैब में बनी डायमंड जूलरी की मांग में तेजी होने व यूएस-चीन ट्रेड वॉर से बाजारों में मांग कम होने से सूरत और मुंबई के डायमंड बाजार खासे दबाव में हैं क्योंकि मुनाफा कम हो गया है। लैब में बने हीरे की मांग बढ़ी है। भारत में रुपए में गिरावट और सीमित क्रेडिट के चलते निर्माता सावधान हो गए हैं। पिछले एक साल में सूरत और मुंबई में छोटे हीरों की श्रेणी में कीमतें 20-25 फीसदी तक अचानक गिर गईं हैं। सूरत डायमंड असोसिएशन के अध्यक्ष बाबू गुजराती का कहना है ‎कि सूरत में डायमंड इकाई अपनी आधी क्षमता के साथ काम कर रही हैं क्योंकि वे लोग इन्वेन्ट्री को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। निर्माता ऊंची कीमत वाले रफ डायमंड को नहीं ले रहे हैं क्योंकि इनके चलते पॉलिश्ड जेम्स के उत्पादन से कोई फायदा नहीं मिल रहा।