रोहतक लोकसभा क्षेत्र में तड़के भाजपा प्रत्याशी अरविंद शर्मा की जीत के साथ ही पार्टी ने प्रदेश में क्लीन स्विप कर दिया। इस जीत के साथ ही प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ता जश्न में डूब गए। रोहतक सीट को लेकर देर रात तक पेंच फंसा रहा। हॉट सीट रोहतक का नतीजा अल सवेरे करीब पौने चार बजे बाद घोषित हो पाया। भाजपा प्रत्याशी 7503 वोट से बढ़त बनाए हुए थे, मगर कांग्रेस की आपत्ति के बाद परिणाम रोक दिया गया था।

इससे पूर्व रात करीब दो बजे भाजपा प्रत्याशी अरविंद शर्मा ने मतगणना केंद्र से बाहर आकर विजयी चिह्न बनाया था। इसके कुछ मिनट बाद जब रिटर्निंग आफिसर ने बाहर आकर कहा कि किसी को कोई आपत्ति है तो बताए वरना परिणाम घोषित किया जा रहा है। इस पर कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र हुड्डा के एजेंट चंद्रसेन दहिया ने तीन आपत्तियां दर्ज कराईं।

उनका कहना था कि झज्जर, रोहतक और बहादुरगढ़ विधानसभा हलकों की पुनर्मतगणना कराई जाए। वजह, झज्जर के बूथ नंबर 114 पर 14 पर्चियों का वीवीपैट से मिलान नहीं हुआ। ऐसे में गड़बड़ी की आशंका है। दूसरे उन्होंने 15000 पोस्टल बैलेट वोटों की गिनती में नियमों को ताक पर रखने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इनकी स्कैनिंग नहीं कराई गई।

तीसरे मतदान कर्मियों को फार्म-12 बी नहीं उपलब्ध कराया गया। इस मामले में कांग्रेस ने कानूनी कार्रवाई की भी धमकी दी। इस बीच शुक्रवार तड़के तक भाजपा प्रत्याशी शर्मा व कांग्रेस के एजेंट्स मतगणना केंद्र पर डटे हुए थे। दूसरी तरफ राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी मुख्यालय में जीत का जश्न मनाने के लिए रुके हुए थे।

इससे पूर्व मतगणना के रूझान को देखते हुए दोपहर बाद से ही एहतियातन शहर में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया। शहर के प्रमुख चौराहों आदि स्थानों पर पैरामिलिट्री फोर्स और भारी तादाद में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पल-पल की जानकारी चंडीगढ़ मुख्यालय के अलावा चुनाव से जुड़े उच्चाधिकारियों को देते रहे।

भाजपा की जीत के तीन टर्निंग प्वाइंट 

जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर फरवरी 2016 में भड़की हिंसा में जान-माल की बड़ा नुकसान हुआ था। भाजपा ने इस मुद्दे को भुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर सीधे आरोप जड़े। रोहतक शहर के अलावा कलानौर और महम शहर में भी इसका असर पड़ा था। भाजपा को तीनों जगह से चुनाव में बड़ी बढ़त मिली है।

जाट आरक्षण आंदोलन के बाद रोहतक में जाट-गैर जाट का मुद्दा हावी रहा। भाजपा ने भी गैर जाट कार्ड खेला। पहले नगर निगम चुनाव में गैर जाट के समीकरणों को देखते हुए प्रत्याशी मैदान में उतारे और जीत हासिल की। लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने ब्राह्मण समाज से डॉ. अरविंद शर्मा को प्रत्याशी बनाया। इससे गैर जाट मतदाताओं का ध्रुवीकरण हुआ। गैर जाट क्षेत्रों में भाजपा को मिली बढ़त से भी यह जाहिर होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में दीपेंद्र का प्रदर्शन बेहतर रहा। 

पूरे देश की तरह रोहतक क्षेत्र में भी नरेंद्र मोदी फैक्टर चला। शहर से लेकर गांव तक हर वर्ग में मोदी का जादू दिखा। रोहतक में पीएम की जनसभा हुई तो मंच पर प्रत्याशी का नाम तक नहीं लिया गया। पीएम ने कहा भी था कि एक-एक वोट मोदी के खाते में जाएगा। भाजपा की जीत में मोदी फैक्टर अहम रहा।

रोहतक से तक रहे सांसद

1952       रणबीर सिंह हुड्डा      कांग्रेस
1957       रणबीर सिंह हुड्डा      कांग्रेस
1962       लहरी सिंह            जनसंघ
1967       रणबीर सिंह           कांग्रेस
1971       मुख्तार सिंह           जनसंघ
1977       शेर सिंह              जनता पार्टी
1980       स्वामी इंद्रवेश          जनता पार्टी
1984       हरद्वारी लाल           कांग्रेस
1989       चौधरी देवीलाल        समाजवादी जनता पार्टी
1991       भूपेंद्र सिंह हुड्डा       कांग्रेस
1996       भूपेंद्र सिंह हुड्डा       कांग्रेस
1998       भूपेंद्र सिंह हुड्डा       कांग्रेस
1999       कैप्टन इंद्र सिंह        इनेलो
2004       भूपेंद्र सिंह हुड्डा       कांग्रेस
2005       दीपेंद्र सिंह हुड्डा      कांग्रेस
2009       दीपेंद्र सिंह हुड्डा      कांग्रेस
2014       दीपेंद्र सिंह हुड्डा      कांग्रेस
2019      डॉ. अरविंद शर्मा       भाजपा