भोपाल । सीबीएसई ने दो महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। जिसमें राज्य शिक्षा मंडल से सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूलों को भी अनुमति लेनी होगी। इसके लिए मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल को 3 साल का शुल्क जमा करना होगा। जिन सीबीएसई स्कूलों की मान्यता इस साल खत्म हो रही है। उनका भी नवीनीकरण तभी किया जाएगा, जब उन्हें माध्यमिक शिक्षा मंडल की अनुमति मिल जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारी अब सीबीएसई स्कूलों का भी निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण करने के पश्चात और 3 साल का शुल्क जमा करने पर मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा सीबीएसई स्कूलों की मान्यता और नवीनीकरण के लिए अनुशंसा जारी करेगी उसके बाद ही सीबीएसई से उन्हें मान्यता प्राप्त होगी।
दूसरे फैसले में निर्णय लिया गया है, जो स्कूल पहली से आठवीं तक की शिक्षा सीबीएसई पैटर्न के नाम पर मोटी फीस वसूल कर रहे हैं। उन्होंने सीबीएसई की मान्यता नहीं ली है। कक्षा 8 तक की मान्यता को भी अनिवार्य किया गया है। इन स्कूलों को 20 से 50 हजार रुपया  ऑनलाइन शुल्क जमा करना होगा। प्रदेश में ऐसे हजारों स्कूल हैं, जो कक्षा 1 से 8 तक संचालित हो रहे हैं। उनकी पढ़ाई भी सीबीएसई पेटर्न में हो रही है, किंतु उनकी मान्यता सीबीएसई से नहीं है।