नई दिल्‍ली : पाकिस्‍तान में अगले वित्‍त वर्ष में महंगाई अपने चरम पर होगी. वहां के शीर्ष बैंक स्‍टेट बैंक ऑफ पाकिस्‍तान (एसबीपी) ने इसे लेकर चेतावनी जारी की है. स्‍टेट बैंक ऑफ पाकिस्‍तान ने सोमवार को अपने पॉलिसी रेट में 150 बेसिस प्‍वाइंट की बढ़ोतरी कर 12.25 फीसदी का इजाफा किया है. यह मार्केट अपेक्षाओं से करीब 50 बेसिस प्‍वाइंट अधिक है. इसका असर सीधे तौर पर पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था पर पड़ेगा और वहां वस्‍तुओं के दाम और अधिक बढ़ने लगेंगे.

स्‍टेट बैंक ऑफ पाकिस्‍तान के अनुसार दिनोंदिन कमजोर होते पाकिस्‍तान रुपये की वजह से तेजी से बढ़ रही महंगाई और भविष्‍य में महंगाई को लेकर चल रही अपेक्षाओं के कारण राजकोषीय घाटा बढ़ रहा है. इस कारण ही पाकिस्‍तान में सामान के दाम बढ़ रहे हैं और आगे भी बढ़ सकते हैं.

स्‍टेट बैंक ऑफ पाकिस्‍तान द्वारा जारी यह चेतावनी इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) की ओर से पाकिस्‍तान को मिल रहे 6 अरब डॉलर के पैकेज के दौरान जारी की गई. ऐेसे में इस पैकेज को लेकर और जटिल हालात बन सकते हैं. माना जा रहा है कि इसकी ब्‍याज दर अधिक हो जाएगी. 
दिनोंदिन डॉलर के मुकाबले कम होते पाकिस्‍तानी रुपये का ही नतीजा है कि मार्च में पाकिस्‍तान में महंगाई दर पिछले पांच साल के शीर्ष स्‍तर 9.41 फीसदी पर पहुंच गई थी. अप्रैल में यह 8.8 फीसदी दर्ज की गई. इस साल अप्रैल-जुलाई के बीच महंगाई दर 7 फीसदी पर पहुंची. पिछले साल इसी समय यह दर 3.8 फीसदी थी.

पाकिस्‍तान का विदेशी मुद्रा भंडार भी घटकर 8.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. पाकिस्‍तान सरकार ने स्‍टेट बैंक ऑफ पाकिस्‍तान से इस वित्‍त वर्ष में अब तक 4.8 लाख करोड़ रुपये कर्ज लिया हुआ है. य‍ह पिछले साल इसी समय तक 2.4 गुना अधिक था. राजस्‍व वसूली में कमी, सुरक्षा पर अधिक धन खर्च होने और विदेशी कर्ज में अधिक ब्‍याज दर अदा करने के कारण इस वित्‍त वर्ष के पहली तीन तिमाही में राजकोषीय घाटा काफी अधिक होने का अनुमान जताया जा रहा है.