भोपाल । पंजीकृत सभी निजी सुरक्षा एजेन्सियों को हर तीन माह में निर्धारित प्रपत्र (फॉर्म-10) में अपने सुरक्षा गार्डों से सं‍बंधित जानकारी प्रस्‍तुत करना अनिवार्य है। जिन एजेन्सियों ने अभी तक त्रैमासिक जानकारी नहीं भेजी है वे 31 मई तक हर हाल में प्रस्‍तुत कर दें। इस आशय के निर्देश अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक राज्‍य औद्योगिक सुरक्षा एवं निजी सुरक्षा एजेन्‍सी अनिल कुमार ने निजी सुरक्षा एजेन्सियों के संचालकों को दिए। सोमवार को यहां पुलिस मुख्‍यालय के सभाकक्ष में आयोजित हुई बैठक में अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार ने पसारा अधिनियम (निजी सुरक्षा अधिनियम विनियमन अधिनियम 2005 व निजी सुरक्षा अभिकरण विनियमन नियम 2012) का कड़ाई से पालन करने पर जोर दिया।
उन्‍होंने निजी सुरक्षा एजेन्सियों के संचालकों से कहा कि वे अपनी एजेन्‍सी में पंजीकृत सुरक्षा गार्डों के हितों का पूरा ध्‍यान रखें। सुरक्षा गार्डों को विधिवत प्रशिक्षण दें। साथ ही उन्‍हें प्रावधानों के तहत ईपीएफ व ईएसआईसी का लाभ भी अनिवार्यत: दिलाएं। ऐसा न करने वाली एजेन्सियों का पंजीयन निरस्‍त किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा निजी सुरक्षा एजेन्‍सी का पंजीयन होने के बाद दो माह के भीतर पर्यवेक्षक की नियुक्ति और छह माह में कारोबार शुरू करना अनिवार्य है। अनिल कुमार ने सुरक्षा एजेन्‍सियों के संचालकों को सुरक्षा गार्डों का निर्धारित प्रावधानों के तहत चरित्र सत्‍यापन कराने की हिदायत भी दी।
अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक श्री कुमार ने कहा यदि किसी सुरक्षा अधिकरण द्वारा अभी तक अपने सुरक्षा गार्ड का चरित्र या पूर्ववृत्‍त का सत्‍यापन नहीं कराया गया है, तो वह कार्यवा‍ही जल्‍द से जल्‍द पूर्ण कर लें। साथ ही पुलिस से सत्‍यापन कराने के  बाद सुरक्षा गार्ड के चरित्र सत्‍यापन का प्रमाण-पत्र (फॉर्म-6) में जमा करें। उन्‍होंने कहा कि सुरक्षा गार्डों से  निर्धारित समय से ज्‍यादा ड्यूटी न ली जाए। संबंधित सुरक्षा एजेंसी की जिम्‍मेदारी है कि गार्ड को न्‍यूनतम वेतन का भुगतान हर हाल में हो। साथ ही ईपीएफ व ईएसआईसी में राशि भी नियमित रूप से जमा होती रहे। किसी शासकीय, अर्द्धशासकीय व को-ऑपरेटिव संस्‍थानों में सुरक्षा गार्ड नियोजित किये गये हों तो वहां से भी ईपीएफ व ईएसआईसी की राशि जमा कराई जाए।
निजी सुरक्षा एजेन्सियों के संचालकों को बैठक में पसारा अधिनियम के प्रावधानों के बारे में विस्‍तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही उनकी शकांओं का समाधान भी किया गया। खासतौर पर उन निजी सुरक्षा एजेन्सियों के संचालकों को बैठक में बुलाया गया था, जिनके यहां 200 से अधिक सुरक्षा गार्ड पंजीकृत हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 1034 सुरक्षा अभिकरणों को लायसेंस जारी किए गए हैं। बैठक में सहायक पुलिस महानिरीक्षक राज्‍य औद्योगिक सुरक्षा अतुल सिंह व बिट्टू सहगल तथा विभिन्‍न निजी सुरक्षा एजेन्सियों के संचालक मौजूद थे।