पटना, । राजद सुप्रीमो लालू यादव के छोटे बेटे और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को वोट नहीं डाला। इसे लेकर भाजपा और जदयू ने उनपर निशाना साधा है और कहा है कि वो राजनीति को लेकर बिल्कुल भी सीरियस नहीं हैं। इसके साथ ही ये भी आरोप लगाया है कि उनके परिवार से कोई पीएम पद का उम्मीदवार नहीं इसीलिए उन्होंने वोट नहीं डाला है।

भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी ने अपने मत का प्रयोग इसलिए नहीं किया कि उनके परिवार से पीएम का कोई उम्मीदवार नहीं था और वे राहुल गांधी को हकीकत में महागठबंधन का चेहरा नहीं मानते हैं। निखिल आनंद ने कहा कि राजद ने अब खुद ही सरेंडर कर दिया है। 

वहीं, भाजपा नेता सह बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि तेजस्वी हमेशा संविधान बचाने की दुहाई देते हैं और अब खुद तेजस्वी अपना मतदान नहीं कर पाए। इसका मतलब है कि तेजस्वी खुद को संविधान से भी ऊपर मानते हैं।

मंगल पांडेय ने कहा कि 23 मई के बाद राजद चार टुकड़ों में बंट जाएगा। कई राजद के विधायक एनडीए के सम्पर्क में हैं। साथ ही पांडेय ने कहा कि एग्जिट पोल में मोदी सरकार बनती दिख रही है और ऐसे में महागठबंधन अपना खाता भी खोल पाएगा या नहीं, यह भी देखना होगा।

वहीं, जदयू नेता अशोक चौधरी ने कहा कि तेजस्वी में अभी मैच्योरिटी नहीं आई है। उनका मतदान ना करना कई तरह के सवाल को जन्म देता है। उन्होंने मतदान क्या सोचकर नहीं किया, ये तो वही जानें, लेकिन बड़ी-बड़ी बातें करने वाले तेजस्वी यादव से इस तरह की उम्मीद नहीं की जा सकती है। 

जदयू नेता नीरज कुमार ने तेजस्वी के वोट नहीं डालने पर ट्वीट कर तंज कसा है और लिखा है कि ट्विटरबबुआ @yadavtejashwi जी अपने पिता @laluprasadrjd जी को जेल से निकालने के लिए वोट मांगते घूमे।परन्तु खुद नही वोट दिए! क्या अब ये खुद नही चाहते कि लालूजी जेल से निकले? 

आखिर लालूजी के निकलते तो पार्टी वे चलाने लगेंगे,फिर बबुआ को पूछेगा कौन?अब तो बबुआ को हकीकत बताना चाहिए।

बताते चलें कि बिहार में लोकसभा चुनाव 2019 के सातों चरणों के दौरान तेजस्वी यादव राजद के समर्थकों से ज्यादा से ज्यादा तादाद में मतदान करने का आह्वान करते रहे। साथ ही, ये भी कहा था कि लालू यादव को जेल से अगर बाहर निकालना है तो अधिक से अधिक संख्‍या में मतदान करें, लेकिन तेजस्वी यादव ने ही लोकतंत्र के महापर्व में हिस्‍सा नहीं लिया। उन्‍होंने कल वोट ही नहीं डाला।

दरअसल, तेजस्वी यादव को पटना के वेटनरी कॉलेज मतदान केंद्र पर वोट डालना था। हालांकि, वोटर लिस्ट में उनके नाम को लेकर गड़बड़ी थी, जिसके चर्चा में आने पर चुनाव आयोग ने कहा था कि इसे ठीक कर दिया जाएगा, लेकिन तेजस्वी ने मतदान क्यों नहीं किया? ये चर्चा का विषय है।