हैदराबाद । एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा चुनाव आयोग के अंदर मतभेद होने की खबरें चिंता में डालने वाली हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न मुद्दों पर आयोग में सहमति होनी चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया कि चुनाव आयोग देश के सबसे विश्वस्त सरकारी संस्थानों में से एक है। ओवैसी ने कहा टीएन शेषन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त को अन्य चुनाव आयुक्तों के मुकाबले ऊंचा दर्जा नहीं मिला है। ऐसे में उन्हें सहमति बनाने के लिए काम करना चाहिए। मूलभूत संवैधानिक नियमों का सम्मान किया जाना चाहिए। दरअसल, प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को क्लीन चिट देने पर असहमति जताने वाले चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने अपना विरोध खुलकर जाहिर किया था। अशोक लवासा ने हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त को एक पत्र लिखकर कहा है कि जब तक उनके असहमति वाले मत को ऑन रिकॉर्ड नहीं किया जाएगा, तब तक वह आयोग की किसी बैठक में शामिल नहीं होंगे। उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग के अधिकारी अशोक लवासा ने आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीनचिट देने सहित आयोग के कई फैसलों पर अपनी असहमति जताई थी।