बिलासपुर । समुद्र तल से करीब ढेड़ किलोमीटर की ऊंचाई पर पूर्वी बिहार और उसके आसपास ऊपरी हवा में चक्रवाती घेरा बनने और एक द्रोणिका पूर्व विदर्भ तक बनने जानकारी देते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने एक बार फिर चेतावनी जारी की है कि प्रदेश के एक-दो स्थानों में गरज,चमक के साथ ३०-४० किलोमीटर प्रतिघंटा के रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है। इन दिनों सूरज आग उगल रहा है। दिन चढ़ते ही धरती तपने लगती है। बीते शनिवार शाम हल्की बदली से थोड़ी राहत मिली थी। मई माह में गर्म हवा के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे है। तापमान गुरूवार को ४५ डिग्री के ऊपर था और आज ४३.६ डिग्री के साथ पूरे प्रदेश में सबसे अधिक गर्म बिलासपुर रहा। राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है और दिन के साथ रात में भी गर्मी,उमस के कूलर,एसी काम नहीं कर रहे हैं। हालांकि अब तक शहर का पारा ४५ डिग्री पार नहीं हुआ है मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पारा ४५ डिग्री से ज्यादा ऊपर नहीं चढ़ेगा। सुबह से शाम तक लोग भीषण गर्मी में झुलस रहे है। गर्मी ने लोगों की हालत खराब कर दी। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा गर्मी बिलासपुर में पड़ती है। दोपहर से ही लोगों को शाम का इंतजार रहता है।  मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि १३ व १४ मई को स्थानीय प्रभाव से हल्की बारिश होने की संभावना है और तापमान कम हो सकता है।