पीड़ित 72 वर्षीय एसके सहगल हैं और वह एनडीएमसी से रिटायर्ड हैं। शालीमार बाग में परिवार के साथ रहते हैं। बैंक अकाउंट वजीरपुर ब्रांच में है। 7-8 महीने से बीमार हैं और बेड पर हैं। बोल या चल फिर भी नहीं सकते। 11 जनवरी से 29 जनवरी के बीच में उनके अकाउंट से ट्रांजेक्शन हुए हैं। इसका न तो मेसेज अलर्ट आया और न ही कोई कॉल।  24 घंटे बेड पर ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे जिंदा हैं, न चल फिर सकते हैं, न बोल पाते हैं। केयर के लिए डेली 1500 रुपये पर नर्स लगी हुई है। 

पता तब चला जब उनकी केयर के लिए लगी नर्स को पैसा चेक से दिया। चेक बाउंस हुआ तो नर्स ने फोन कर पूछा कि आपने कैसा चेक दिया है जो बाउंस हो गया। बेटी पासबुक लेकर बैंक पहुंची तो पता यह भी करना था कि चेक बाउंस कैसे हुआ। एंट्री कराने पर पता चला कि अकाउंट से एटीएम विदड्रॉल हुआ है। एक भी ट्रांजेक्शन दिल्ली में नहीं हुआ। कुल 40 ट्रांजेक्शन हुए हैं और सारा अकाउंट खाली है। ज्यादातर ट्रांजेक्शन अंबाला, हिसार, सोनीपत, जैसी जगहों पर हुए।