वॉशिंगटन : अमेरिका में पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन की एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तानी लोग और मीडिया ‘चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे’ (सीपीईसी) के खिलाफ बोलने से डरने हैं, क्योंकि इसकी आलोचना करने वाली आवाजों को राष्ट्र विरोधी बताकर दबाया जा रहा है.

‘जॉन्स हॉप्किंस यूनिवर्सिटी स्कूल’ की शमीला चौधरी ने कांग्रेस में अमेरिकी सांसदों से कहा, ‘‘पाकिस्तानी मीडिया में आपको बमुश्किल ही कोई ऐसा लेख दिखेगा जिसमें सीपीईसी की आलोचना की गई हो. ऐसा बहुत दुर्लभ है.’’ 

पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन में सेवाएं दे चुकी चौधरी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर जो लोग सीपीईसी की आलोचना करते हैं, उन्हें अक्सर आतंकवादी करार दे दिया जाता है. उन्होंने कहा, ‘‘उनके खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून का इस्तेमाल किया जा सकता है. उनके साथ बहुत बुरा किया जा सकता है.’’ 

चौधरी ने सांसदों के प्रश्नों के उत्तर में कहा कि अमेरिका के विपरीत चीन का विकास मॉडल लोगों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ावा नहीं देता.

उन्होंने कहा कि चीन पाकिस्तान में धन कमाने के लिए है. पाकिस्तान को दी जाने वाली चीनी वित्तीय सहायता गोपनीय रखी जा रही है और अब पाकिस्तान ने यह सूचना अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से साझा की है ताकि वह मौजूदा वित्तीय संकट से उबर सके. 

चौधरी ने कहा कि सीपीईसी भारत-पाकिस्तान के बीच नाजुक संबंधों को बिगाड़कर अमेरिका के क्षेत्रीय हितों को नुकसान पहुंचाता है.