नई दिल्‍ली । प्रतिदिन मशरूम खाने से आंत में लाभदायक बैक्टीरिया में बढ़ोत्तरी हो सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इससे लिवर में ग्लूकोज का बेहतर नियंत्रण किया जा सकता है। इस शोध से डायबिटीज के लिए नए इलाज की राह खुल सकती है। अमेरिका की पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मार्गरीटा टी कैंटोर्न के अनुसार, यह निष्कर्ष चूहों पर किए गए अध्ययन के आधार पर निकाला गया है। चूहों को ह्वाइट बटन मशरूम खाने को दिया गया। इससे उनके गट (आंत) माइक्रोब्स के संयोजन में बदलाव देखने को मिला। इससे शॉर्ट चेन फैटी एसिड और खासतौर पर सुचिनेट एसिड की ज्यादा उत्पत्ति हुई। यह जाहिर हो चुका है कि सुचिनेट और प्रोपियोनेट ग्लूकोज उत्पत्ति को नियंत्रित करने वाले जीन में बदलाव कर सकते हैं। मशरूम का सेवन करने से प्रोस्‍टेट और ब्रेस्‍ट कैंसर से बचाव होता है। क्योंकि इसमें बीटा ग्‍लूकन और कंजुगेट लानोलिक एसिड होता है जो कि एक एंटी कासिजेनिक प्रभाव छोड़ते हैं। कई शोध भी इस बात का समर्थन करती हैं कि मशरूम में मौजूद तत्व कैंसर के प्रभाव को कम करते हैं।
मधुमेह रोगियों के लिए मशरूम उत्तम आहार माना जाता है। मशरूम में शर्करा (0.5 प्रतिशत) और स्टार्च की मात्रा बहुत कम होते हैं। इनमें वो सब कुछ होता है जो किसी मधुमेह रोगी को चाहिये। मशरूम में विटामिन, मिनरल और फाइबर होते हैं। साथ ही इमसें फैट, कार्बोहाइड्रेट और शुगर भी नहीं होती, जो कि मधुमेह रोगी के लिये जानलेवा है। यह शरीर में इनसुलिन के निर्माण में भी मदद करता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक मशरूम में वसा भी नहीं होती, इसलिए मोटापे से बचाने के लिए भी इसका सेवन लाभप्रद होता है। इसके साथ मोटापे से ग्रस्‍त लोगों के लिए भी यह उपयोगी आहार है। मशरूम की सभी किस्में कैंसर, एचआईवी तथा अन्य खतरनाक बीमारियों में भी फायदेमंद पाई गई हैं। मशरूम में हाइ न्‍यूट्रियंट्स पाये जाते हैं, इसलिये ये दिल के लिये भी अच्‍छे होते हैं। साथ ही मशरूम में कुछ प्रकार के एंजाइम और रेशे पाए जाते हैं जो हमारे कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कम करते हैं।
मशरूम गर्भवस्था, बाल्यावस्था, युवावस्था तथा वृद्धावस्था तक सभी चरणों में उपयोगी माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन, विटामिन, खनिज, वसा तथा कार्बोहाइड्रेट बाल्यावस्था से युवावस्था तक कुपोषण से बचाते हैं। इसलिए डॉक्टर भी इसे खाने की सलाह देते हैं। मशरूम की सब्‍जी हर किसी को पसंद होती है और भला हो भी क्यों ना, यह स्वास्थ्यवर्धक एवं औषधीय गुणों से युक्त है, यह आसानी से पाचक भी है और बीमारियों को दूर करने में भी मददगार है। इसमें एमीनो एसिड, मिनरल, विटामिन जैसे पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। छतरी के आकार के मशरूम को चीन में महा औषधि तो रोम के लोग इसे ईश्वर का आहार मानते हैं। पौष्टिकता की दृष्टि से मशरूम शाकाहारी एवं मांसाहारी दोनों के भोजन में अहम स्थान रखता है।