नई दिल्ली । शोधकर्ताओं के अनुसार, घर के अंदर के तापमान और बीपी के बीच जुड़ाव का पता चला है। घर में निम्न तापमान का संबंध उच्च रक्तचाप से पाया गया है। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ता स्टीफन जीवराज ने कहा, हमारे शोध से उच्च रक्तचाप की उच्च दर और सर्दी के महीनों में स्ट्रोक और हृदय रोग से मौत के खतरे की व्याख्या करने में मदद मिली है। इससे यह जाहिर होता है कि इन समस्याओं की पहचान और इलाज में घर के तापमान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। हमारे निष्कर्षों से जाहिर होता है कि घर में थोड़ी गर्माहट रखना लाभदायक हो सकता है। इसके अलावा खानपान और जीवनशैली में बदलाव करने से भी उच्च रक्तचाप को कम किया जा सकता है। हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण भाग है हमारा हृदय और इसलिए हृदय की देखभाल भी बहुत आवश्यक हो जाती है। आप चाहे किसी भी नौकरी पेशे में हो स्वास्‍थ्‍य के विषय में जानकारी होना आपका प्रथम कर्तव्य होना चाहिए। शायद आप नहीं जानते कि आपका संपूर्ण स्वास्‍थ्‍य आपके हृदय स्वास्‍थ्‍य पर ही निर्भर करता है और यहां तक कि हमारा जीवनचक्र भी सिर्फ तभी तक चलता है, जबतक कि हमारा हृदय गति करता है।
 हृदय स्वास्‍थ्‍य के विषय में ध्यान देने योग्य एक म‍हत्वपूर्ण बात यह भी है कि आपके रक्तचाप का स्तर ठीक होना चहिए। अगर आपको उच्च रक्तचाप जैसी कोई समस्या है तो आपमें हृदय से संबंधी समस्याएं होने की सम्भावना बढ़ जाती है। स्वस्‍थ हृदय के लिए कुछ बातों पर ध्यान जरूर दें। कार्डियोलाजिस्ट डाक्टरों के अनुसार, अच्छे स्वास्थ्‍य के लिए रेगुलर चेकअप बहुत ही आवश्यक है। समय-समय पर ईसीजी और चेक अप कराने से किसी भी प्रकार की ब्लाकेज का पता लग जाता है। हमारी आज की निष्क्रीय जीवनशैली के कारण पुरूषों में 45 वर्ष की उम्र के बाद और महिलाओं को 55 की उम्र के बाद दिल का दौरा पड़ने की सम्भावना बढ़ जाती है। अगर आपका रक्तचाप नियंत्रित नहीं रहता तो आपको समय-समय पर चेक-अप कराते रहना चाहिए। प्रतिदिन व्यायाम करना हृदय सवास्थ्‍य के लिए अच्छा होता है। आफिस में लिफ्ट का प्रयोग करने के बजाय सीढ़ियों का प्रयोग करें।  ऐसे आहार लें जिनसे शरीर में कालेस्ट्राल का स्तर नियंत्रित रहे क्योंकि कोलेस्ट्राल का स्तर हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को प्रभावित करता है। सेब और संतरे जैसे फल, प्याज़, ब्रोकोली जैसी सब्जि़यों और मछली का सेवन करें। डॉक्टर के अनुसार ब्लड प्रेशर के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है, अधिक मात्रा में नमक का सेवन, जिससे कि हृदय की समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप समय रहते अपने खान-पान पर ध्यान देंगे तो आगे जाकर आपको किसी प्रकार की समस्या नहीं आयेगी।