उत्तराखंड के केदारनाथ मंदिर के कपाट आज सुबह खोल दिए गए. पूरे विधि विधान के साथ पंडितों ने मंत्रोच्चारण के बाद केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले गए. इस दौरान ऊखीमठ से लाई गई भगवान केदार की गद्दी को दोबारा मुख्य मंदिर में स्थापित किया गया. बता दें, इसके बाद एक बार फिर हमेशा की तरह अगले छह महीने तक शिव की पूजा अर्चना की जाएगी. 

इस मौके पर पूरे मंदिर परिसर को फूलों और रोशनी से सजाया गया. हालांकि केदार धाम में अभी भी चारों तरफ बर्फ की मोटी चादर बिछी हई नजर आ रही है. बात अगर तापमान की करें तो इस समय यहां कड़ाके की ठंड है. बावजूद इसके श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति में कोई कमी नहीं देखी जा रही है.

गंगोत्री, यमुनोत्री के खुले कपाट- 
उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट मंगलवार को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिये खोल दिये गए और इसी के साथ इस वर्ष की चारधाम यात्रा आरंभ हो गई.

चारधाम यात्रा शुरू-गढ़वाल हिमालय के चारधामों के नाम से प्रसिद्ध दो अन्य धामों, केदारनाथ के कपाट नौ मई तो बदरीनाथ के कपाट 10 मई को खुलेंगे.

विधिवत हवन, पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चारण एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ मां गंगा के धाम गंगोत्री के कपाट पूर्वाहन 11.30 बजे खोल दिए गए.

कपाट खुलते समय अच्छी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे हुए थे. वहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां गंगा के जयकारे भी लगाए. इस मौके पर गढ़वाल आयुक्त डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम आदि वरिष्ठ प्रशासनिक और धार्मिक अधिकारी मौजूद थे.