अभी हाल ही में HBO की पॉपुलर सिरीज Game of Thrones में ‘डेड’ यानी वॉइट वॉकर से जंग हुई. अगर आपने GOT का ये ऐपिसोड देखा है तो अंदाजा लगा सकते हैं कि उनकी संख्या कितनी थी. फेसबुक पर भी आने वाले कुछ दशकों के बाद ‘डेड’ ज्यादा हो जाएंगे. यानी ज़िंदा यूजर्स के प्रोफाइल से ज्यादा फेसबुक पर डेड यूजर्स प्रोफाइल की संख्या होगी.

डेड यूजर्स यानी लेगेसी अकाउंट. फेसबुक यूजर की मौत होने पर उस अकाउंट को लेगेसी अकाउंट में तब्दील कर दिया जाता है. इसे आप मेमराइज़्ड अकाउंट भी कह सकते हैं. Oxford इंटरनेट इंस्टिट्यूट की एक स्टडी के मुताबिक 50 साल में फेसबुक पर डेड यूजर्स के प्रोफाइल लीविंग अकाउंट से ज्यादा हो जाएंगे. इस युनिवर्सिटी ने एक जर्नल पब्लिश किय था जो बिग डेटा और सोसाइटी पर आधारित है. इसमें कहा गया है कि 22वीं शताब्दी के पहले दशक में फेसबुक पर डेड अकाउंट्स की संख्या लीविंग से ज्यादा हो सकती है.

रिसर्चर्स की टीम ने एक महत्वपूर्ण बात कही है. उन्होंने कहा है, ‘इतिहास में पहले कभी भी इस इतनी मात्रा में ह्यूमन बिहेवियर और कल्चर को एक जगह पर नहीं रखा गया है. इस आर्काइव को कंट्रोल करना एक तरीके से हमारे इतिहास को कंट्रोल करने जैसा ही होगा’

इस स्टडी के रिसरचर्स का कहना है कि उन्होंने यह स्टडी सोशल मीडिया के क्रिटीक के तौर पर नहीं की थी, लेकिन ये डिजिटल आईडेंटिटी के बारे में है. इस स्टडी में कहा गया है कि साल 2100 में फेसबुक पर डेड यूजर्स की संख्या 4.9 बिलियन हो जाएगी.

हालांकि Oxford Internet Institute की इस स्टडी को लेकर फेसबुक के प्रवक्ता ने TIME से कहा है कि वो इस स्टडी के प्रेडिक्शन से सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा है कि कंपनी डिजिटल लेगेसी बनाने को लेकर गंभीर है. उन्होंने TIME से यह भी कहा है, ‘फेसबुक ने यूजर के डेथ को हैंडल करने के लिए कई मेजर्स लिए हैं. एक बार कंपनी को यूजर्स के डेथ की जानकारी मिलती है तो उनके अकाउंट को स्पेशल मेमोरियल स्टाइल पेज में तब्दील कर दिया जाता है. फेसबुक के पास लाखों ऐसे मेमोरियलाइज्ड अकाउंट्स हैं’

गौरतलब है कि फेसबुक की सेटिंग्स में एक ऑप्शन होता है. यहां जा कर यूजर्स legacy contact सेलेक्ट कर सकते हैं. ऐसा करने से यूजर्स के डेथ होने के बाद उस अकाउंट का ऐक्सेस उसे मिलता है जिसे यूजर ने legacy contact में ऐड किया है. इसके बाद वो अकाउंट memorialized हो जाता है.