भोपाल । आजकल मैरिज साइट्स से शादी करने का चलन बढ़ा है, वहीं, ऑनलाइन रिश्ते तय कर शादी होने के बाद रिश्ते टूटने के मामले भी राजधानी में बढ़ रहे हैं। मैट्रिमोनियल साइट्स से बिना जांचें-परखे ही रिश्ते तय कर लिए जा रहे हैं, लेकिन, शादी के बाद एक-दूसरे की वास्तविकता का आभास होता है और रिश्ते टूट रहे हैं। महिला थाना के परिवार परामर्श केंद्र में मैट्रिमोनियल साइट्स से शादी कर टूटने के मामले काफी पहुंच रहे हैं। परिवार परामर्श केंद्र में छह माह में ऐसे करीब 20 मामले पहुंचे हैं। काउंसलर्स का मानना है कि बिना जांचे-परखे पूरी जिंदगी का फैसला करना गलत साबित होता है।कई मामलों में मैट्रिमोनियल साइट्स से लड़की वाले एनआरआई लड़कों से अपनी बेटी की बिना जांचे-परखे शादी कर देते हैं, फिर बाद में लड़कों का जॉब प्रोफाइल भी गलत पाया जाता है। वहीं कई मामलों में लड़कों की जानलेवा बीमारी भी छुपाई जा रही है। ऐसे मामलों में काउंसलिंग के लिए भी बुलाना मुश्किल होता है। काउंसलर का कहना है कि मैरिज साइट्स से शताब्दी करने के मामले इसलिए बढ़ रहे हैं, क्योंकि इसमें दोनों परिवारों की कोई पहचान नहीं होती। साइट्स के माध्यम से ही एक-दूसरे के बारे में जानते-समझते हैं, जबकि ऑनलाइन रिश्ते तय कर शादी करने के बीच एक-दो साल का समय देना चाहिए। लड़के और उसके परिवार का पूरा प्रोफाइल पता करना चाहिए। खासतौर पर विदेश में रहने वाले लड़कों के बारे में पूरी जांच-परख होनी चाहिए। कई बार लड़कों की जॉब प्रोफाइल भी गलत होती है और कई गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित होते हैं, जो शादी के बाद पता चलती है।
    राजधानी के कई परिवार समाज में अपना हाई स्टेटस बनाने के लिए अपनी बेटियों की शादी विदेश में जॉब कर रहे लड़कों से कर रहे हैं। मैट्रिमोनियल साइट्स के माध्यम से एनआरआई लड़कों को पहली पसंद मानते हैं, लेकिन परिवार और लड़के के बारे में जानकारी न होने से अक्सर लड़की वालों को धोखा मिल रहा है। विदेश के मामले में पुलिस भी कुछ नहीं कर पाती। महिला थाना में कई मामले ऐसे भी आ रहे हैं। जिसमें लड़के-लड़कियां फेसबुक के जरिए दोस्ती कर रहे हैं और रिश्ता शादी तक भी पहुंच रहा है, लेकिन जितनी जल्दी रिश्ते जुड़ रहे हैं उतनी ही जल्दी टूट भी रहे हैं। इस बारे में परिवार परामर्श केन्द्र की काउंसलर रेणुका मेहता का कहना है कि परिवार को नहीं जानते हैं, एक-दूसरे को भी समझ नहीं पाते हैं। जब शादी हो जाती है तो धोखा खा जाते हैं। कई मामलों में तो लड़के का प्रोफाइल गलत होता है। शादी के बाद वास्तविक स्थिति का पता चलता है। वहीं महिला थाना टीआई अजिता नायर का कहना है कि मैरिज साइट्स से अभिभावक रिश्ते तय कर रहे हैं, लेकिन ऐसे कई मामले आ रहे हैं, जिसमें लड़कियों को धोखा मिल रहा है। ऐसे मामलों में भी हम रिश्तों को बचाने का प्रयास करते हैं।