भोपाल । विगत दिनों बेमौसम हुई बारिश से राजधानी के आठ खरीदी केंद्रों पर रखा सैकडों क्विंटल गेहूं खराब होने की आशंका जताई जा रही है। इन गेहूं उपार्जन केंद्रों में धतुरिया, हर्राखेड़ा-1 और 2, गिल्लौद-1 व 2, गुनगा, नायसमंद शामिल है। इन केन्द्रों पर सबसे ज्यादा 500 क्विंटल गेहूं गीला हुआ है। इस गेहूं के खराब होने की आशंका जताई जा रही है। लिहाजा इन केंद्रों को लापरवाही बरने के लिए नोटिस जारी किए जा सकते हैं। दरअसल, अधिकारियों का कहना है कि अच्छे गेहूं की नमी का लेवल 12 प्रतिशत होता है। लेकिन बारिश से गीला होने के कारण यह 16 से 17 प्रतिशत हो गया है। ऐसे में एडीएम सतीश कुमार एस ने इस गेहूं को धूप में सूखाकर परिवहन करवाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं खरीदी केंद्र इस गीले गेहूं को सूखा रहे है या नहीं, इसकी मॉनीटरिंग के लिए भी कमेटी बना दी गई है। कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार आठों खरीदी केंद्रों में अब तक 20 से 30 क्विंटल तक गेहूं खराब हो चुका है। 
    बता दें कि 16 अप्रैल की रात को राजधानी में जोरदार बारिश हुई थी। इस दौरान आठ खरीदी केंद्रों में खुले में रखा गेहूं भीग गया था। इसके बाद भोपाल कमिश्नर कल्पना श्रीवास्तव ने गीले गेहूं को किसानों को वापस न कर उसे सुखाने के निर्देश दिए थे। इस मामले में जिला प्रशासन ने शुक्रवार को कमिश्नर को अपनी रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 23 खरीदी केंद्रों में गेहूं सुरक्षित है, लेकिन आठ खरीदी केंद्रों में गेहूं भीगा है। बता दें कि भोपाल में शुक्रवार तक 75 हजार मीट्रिक टन की गेहूं खरीदी हो चुकी है। वहीं 85 फीसदी गेहूं का परिवहन अब तक किया जा चुका है। शेष 6 फीसदी गेहूं परिवहन के लिए तैयार है। इस तरह करीब 90 फीसदी गेहूं परिवहन की स्थिति में है। शेष सात हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं में से 500 क्विंटल मतलब आधा मीट्रिक टन गेहूं ज्यादा भीग गया है। जानकारी के अनुसार जिले में 71 उपार्जन केंद्रों में गेहूं खरीदी की जा रही है। इसमें से 48 उपार्जन केंद्र में आधा से एक क्विंटल गेहूं गीला हो पाया है। आठ उपार्जन केंद्र में ज्यादा गेहूं गीला हुआ है।