नई दिल्ली । वित्तवर्ष 2018-19 स्कूटर निर्माताओं के लिए काफी खराब वर्ष रहा है। यह केवल 6,701,469 यूनिट्स की बिक्री के साथ ही नहीं, बल्कि एक दशक में पहली बार 27 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। फिलहाल यह भी लग रहा है कि अगले कुछ महीनों तक स्कूटर की मांग धीमी रहेगी। वहीं, मोटरसाइकिल की मांग में तेजी देखने को मिलेगी। स्कूटर बाजार में क्या दबाव हैं इसका अंदाजा इस बात से लग सकता हैं कि वित्तवर्ष 2018-19 के दौरान देश में सबसे ज्यादा बिकने वाले स्कूटर होंडा एक्टिवा की बिक्री में भारी गिरावट देखने को मिली है। एक्टिवा ही एक ऐसा स्कटूर है जो स्कूटर टू-व्हीलर इंडस्ट्री में बूस्ट देता है, लेकिन साल-दर-साल के आधार पर इसकी 4.6 फीसदी की गिरावट के साथ 3,008,334 यूनिट्स की बिक्री हुई है,जबकि वित्तवर्ष 2017-18 में यह आंकड़ा 3,154,030 यूनिट्स का था। होंडा एक्टिवा की गिरती बिक्री ने इस पूरे सेगमेंट पर प्रभाव डाला है। सबसे ज्यादा बिकने वाले टॉप 10 स्कूटर में दूसरे स्थान पर टीवीएस जुपिटर है,जिसकी बिक्री में 2.76 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2019 में इसकी 7,88,456 यूनिट्स की बिक्री हुई है, जबकि इससे बीते वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 8,10,916 यूनिट्स का रहा था।इस सूची में सबसे ज्यादा फायदा 125सीसी स्कूटर सुजुकी एक्सिस को मिला है। साल-दर-साल के आधार पर एक्सिस की बिक्री में 32 फीसदी की वृद्धि के साथ 5,39,123 यूनिट्स की बिक्री हुई है, जबकि वित्तवर्ष 2017-18 में यह आंकड़ा 408,334 यूनिट्स का रहा था।
होंडा डीओ साल-दर-साल के आधार पर 4 फीसदी की वृद्धि के साथ चौथे स्थान पर मौजूद है और इसकी 4,46,264 यूनिट्स की बिक्री हुई है, जबकि इससे बीते वित्त वर्ष यह आंकड़ा 4,09,233 यूनिट्स का रहा था। इस स्कूटर की सबसे ज्यादा डिमांड झारखंड, कर्नाटक और महाराष्ट्रा में देखी गई है। वहीं हीरो मोटकार्प का मैस्टोरों पहले तीसरे स्थान पर था जो कि अब फिसल कर पांचवे स्थान पर पहुंच गया है। वित्तवर्ष 2018 (वित्तवर्ष 2018 477,822) के मुकाबले वित्त वर्ष 2019 (2,72,432 यूनिट्स) में इसकी बिक्री में 42 फीसदी की गिरावट आई है।