लंदन । अध्ययन में सामने आया है कि सीटी स्कैन कराने से दिमागी कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है। कम्प्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन का इस्तेमाल पिछले दो दशकों में काफी तेजी से बढ़ा है। सीटी स्कैन से चिकित्सकों को मरीज के उपचार में बड़ी सहायता मिलती है। इससे क्लिनिकल परिणाम में सुधार आता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि उनसे काफी विकिरण भी फैलता है। इसका सबसे ज्यादा बुरा असर बच्चों में देखने को मिला है। बच्चों को बड़े लोगों की तुलना में विकिरण संबंधी बीमारियों का ज्यादा खतरा होता है। रेडियोधर्मिता के कारण बच्चों और युवाओं में सामान्य तौर पर ल्यूकेमिया और ब्रेन ट्यूमर जैसे रोग शामिल हैं। नीदरलैंड कैंसर इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने सीटी स्कैन के कारण हुए विकिरण से बच्चों में होने वाले ल्यूकेमिया और ब्रेन ट्यूमर के खतरे का आकलन किया। नीदरलैंड के एक लाख 68 हजार 394 बच्चों को 1979 और 2012 के बीच हुए सीटी स्कैन मामलों का आकलन किया गया तो शोधकर्ताओं ने उनमें कैंसर के मामले पाए।