इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेल रहे कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी चयनकर्ताओं की नजरें हैं। अब देखते हैं इन खिलाड़ियों को विश्व कप में जगह पाती है या नहीं। 
दिनेश कार्तिक 
विकेटकीपर होने के साथ-साथ टीम के कप्तान भी हैं। शुरुआती दो मुकाबलों में विफल रहने के बाद तीसरे मैच में उन्होंने सत्र का अपना पहला अर्धशतक बनाया। आरसीबी के खिलाफ वह फिर फिसल गए।
हार्दिक पंड्या
ऑलराउंडर पंड्या अच्छे स्ट्राइक रेट (178.94) और बल्लेबाजी औसन (34.00) के साथ वह मुंबई की टीम में शीर्ष पर हैं। अच्छे प्रदर्शन के दम पर सीएसके के खिलाफ उन्हें मैन ऑफ द मैच भी मिला था। वहां उन्होंने 8 गेंदों में 25 रन बनाए और 20 रन देकर 3 विकेट भी लिए।
ऋषभ पंत
मुंबई के खिलाफ हुए पहले मैच में ऋषभ ने 7 चौके और सात छक्के लगाकर सिर्फ 27 गेंदों में 78 रनों की पारी खेली थी। फिर आगे के मैचों में प्रदर्शन उतना ठीक नहीं रहा जिससे उनका औसत गिरकर सिर्फ 32.50 पर आ गया। हालांकि, विकेटकीपिंग में उन्होंने कोई शिकायत का मौका नहीं दिया है।
ईशांत शर्मा 
विश्व कप में शर्मा भारत के चौथे तेज गेंदबाज के रूप में जगह बनाना चाहते हैं। अबतक उनका प्रदर्शन भी ठीक-ठाक रहा है। उन्होंने कुल 12 ओवर फेंके हैं जिनमें उन्होंने 98 रन देकर 4 विकेट लिए हैं।
केएल राहुल (किंग्स इलेवन पंजाब): राहुल पंजाब की तरफ से रन लगाने में दूसरे नंबर पर हैं। वह अबतक 36.50 की औसत से 146 रन बना चुके हैं।
अजिंक्य रहाणे 
अजिंक्य रहाणे 2015 में हुए विश्व कप टीम का हिस्सा थे। कार्तिक की तरह रहाणे पर अच्छा प्रदर्शन करने के साथ राजस्थान टीम से अच्छा प्रदर्शन करवाने का दबाव है। पिछले 6 मैचों में सिर्फ एक अर्धशतक से तय है कि उन्हें विश्व कप के लिए जगह बनाने और प्रयास करने होंगे। 
दीपक कर सकते हैं हैरान 
वहीं विश्व कप खेलने गयीं भारतीय टीमों का इतिहास देखा जाए तो पता चलता है कि हर बार एक ऐसा खिलाड़ी टीम में गया था जिसका नाम पहले संभावितों में नहीं था। इस बार भी ऐसा अनुमान है कि टीम इंडिया में एक नाम हैरान कर सकता है। 
यह नाम चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स के लिए खेलने वाले दीपक चाहर हो सकते हैं। दीपक ने इस सत्र में शानदार गेंदबाजी की है। चाहर नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग करा सकते हैं यानी वे आउट व इन स्विंग दोनों गेंद डाल सकते हैं। साथ ही वे स्‍लोअर गेंदों का भी बखूबी इस्‍तेमाल करते हैं। वे सीएसके के लिए पावरप्‍ले के ओवरों की जिम्‍मेदारी संभालते हैं। इस दौरान टीम को शुरुआती सफलता दिलाने की जिम्मेदारी दीपक पर रहती है। कोलकाता के खिलाफ चाहर ने तीन ओवर में केवल 14 रन खर्च किए और 3 विकेट लिए। इस दौरान उन्‍होंने केवल 18 गेंद में केकेआर के क्रिस लिन, नीतीश राणा और रोबिन उथप्‍पा के विकेट लिए। 
चाहर टीम की रणनीति और जरूरत के हिसाब से गेंद डालते हैं। उनकी इस सटीक गेंदबाजी का श्रेय अनुभवी महेंद्र सिंह धोनी को भी जाता है। धोनी ने चाहर को सीएसके की जरूरत के हिसाब से बखूबी इस्‍तेमाल किया है। ऐसे में चाहर इंग्‍लैंड में होने वाले विश्व कप के लिए बेहतरीन विकल्‍प हो सकते हैं। इंग्‍लैंड की परिस्थितियां स्विंग गेंदबाजी को मदद करती हैं।