गेल ने अपनी पारी के दौरान केएल राहुल (18) के साथ पहले विकेट के लिए 66 और मनदीप सिंह (नाबाद 18) के साथ पांचवें विकेट के लिए 60 रनों की अटूट साझेदारी की. बेंगलुरु के गेंदबाजों विशेषकर युजवेंद्र चहल (33 रन देकर दो), मोइन अली (19 रन देकर एक) और नवदीप सैनी (चार ओवर में 23 रन) की तारीफ करनी होगी जिन्होंने बीच के सात ओवरों में केवल 42 रन देकर गेल की मौजूदगी के बावजूद पंजाब को विशाल स्कोर नहीं बनाने दिया. गेल ने शुरू में बेहद सहजता से बल्लेबाजी की. पहली आठ गेंदों पर उन्होंने केवल दो रन बनाए थे. वह पिछले कुछ समय से ऐसी शुरुआत करते रहे हैं इसलिए पंजाब के लिए चिंता का विषय नहीं था और गेल ने उमेश यादव की अगली दो गेंदों पर पहले चौका और फिर लांग ऑन पर छक्का जड़कर इसे साबित भी कर दिया.

गेल ने सबसे कड़ा सबक तो मोहम्मद सिराज (54 रन देकर एक विकेट) को सिखाया. पावरप्ले के अंतिम ओवर में विराट कोहली ने सिराज को गेंद सौंपी थी. गेल ने इस ओवर में तीन चौकों और दो छक्कों की मदद से 24 रन बटोरकर स्कोर 60 रन पहुंचा दिया. चहल पावरप्ले के बाद गेंदबाजी के लिए आए. दूसरे सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने छक्के से उनका स्वागत किया, लेकिन अगली गेंद पर लंबा शॉट खेलने से चूक गए और बाकी काम विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने पूरा कर दिया. राहुल की जगह लेने के लिए उतरे मयंक अग्रवाल (15) भी चहल के अगले ओवर में छक्का जड़ने के बाद अगली गेंद पर बोल्ड हो गए.

सरफराज खान (15) ने चलन बरकरार रखा. सिराज पर छक्का लगाने के बाद अगली गेंद पर वह विकेट के पीछे कैच दे बैठे. मोइन अली ने हमवतन सैम कुरेन (एक) को आते ही पवेलियन की राह दिखा दी. बीच के ओवरों में गेल भी कुछ खास नहीं कर पाए. इस बीच जब वह 83 रन पर थे तो कोहली ने उनका आसान कैच भी छोड़ा जिसका जश्न उन्होंने उमेश पर छक्का जड़कर मनाया. गेल को शतक के लिए आखिरी गेंद पर छक्का चाहिए था, लेकिन वह गेंदबाज सिराज पर चौका ही जड़ पाए.