रायपुर। आयकर विभाग द्वारा नोटबंदी से लेकर 31मार्च 2019 तक के रिकार्ड खंगालने के बाद 12 हजार करदाताओं को नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि नोटिस भेजने का यह क्रम मार्च के आखिरी हफ्ते से लेकर अप्रैल पहले हफ्ते तक भेजे गए है और अब इस नोटिस का जवाब देने के लिए करदाता चार्टर्ड अकाउंटेंट के ऑफिसों के चक्कर लगा रहे हैं।

कर विशेषज्ञों का कहना है कि नियमानुसार भी आयकर विभाग करदाता के छह साल तक पुराने रिकार्डो की जांच कर सकता है और इसके बारे में जानकारी मांग सकता है। बताया जा रहा है कि अप्रैल आखिर तक नोटिस का जवाब भी दिया जाना है। बताया जा रहा है कि नोटिस भेजे जाने वालों में नौकरीपेशा के साथ ही व्यापारी वर्ग बहुत ही ज्यादा हैं। मार्च में भी एडवांस टैक्स भरने के लिए विभाग ने व्यापारिक संगठनों को नोटिस जारी किया था।


देना होगा सही जवाब नहीं तो होगी परेशानी

कर विशेषज्ञों का कहना है कि करदाताओं को अपने पुराने सारे रिकार्डो की सही जानकारी होनी चाहिए। अगर आपके जवाब से आयकर आयकर अधिकारी संतुष्ट नहीं होते है तो आपसे फिर से जवाब तलब किया जाएगा और फिर भी संतुष्ट जवाब न देने पर कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि पिछले साल की तुलना में टैक्स वसूली में थोड़ा पिछड़ने के बाद आयकर विभाग भी टैक्स चोरों को किसी भी प्रकार से बख्शने के मूड में नहीं है। अभी भी आयकर की नजर नर्सिंग होम के साथ ही सराफा कारोबारी और रियल इस्टेट सेक्टर भी है।

पिछले साल भी आए थे कई मामले पकड़ में

इसके पहले पिछले साल भी आयकर विभाग ने छह साल पहले मामलों में भी करदाताओं को नोटिस जारी किया था और बहुत से मामलों में चोरी भी पकड़ी गई थी।


सभी धार्मिक स्थलों व ट्रस्टों की पूंजी पर भी कड़ी नजर

बीते साल से आयकर की नजर में अब सभी धार्मिक स्थलों के साथ ही ट्रस्ट भी आ गए है। इसके चलते आयकर विभाग भी अब इन पर लगातार दबाव बनाए हुए है। नियमानुसार तो आयकर विभाग इन पर जांच भी करवा सकता है। इसके बाद ही धार्मिक स्थलों व ट्रस्टों को दान में मिलने वाली राशि का हिसाब-किताब दुरुस्त रखना शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि ये भी लगातार कर विशेषज्ञों से संपर्क कर रहे है और जानकारी हासिल कर रहे हैं।