न्यूर्याक । दु‎निया में तेजी से बढ़ रहे कैंसर रोग का पता लगाने के ‎लिए वैज्ञा‎निक भी रोज प्रयास कर रहे हैं। इस ‎को‎शिशों का ही नतीजा है ‎कि कैंसर ‎डिटेक्ट करने वाले  बायॉप्सी का विकल्प अब ढूंढ लिया गया है। वैज्ञानिकों ने ऐसा डिवाइस बनाया है जो सीधा मरीज के खून से कैंसर सेल्स को इकट्ठा कर सकता है। इससे कैंसर का पता लगाने के लिए बायॉप्सी करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। यह पहनने वाला डिवाइस कुछ ही घंटे में खून की काफी मात्रा की स्क्रीनिंग करके उसमें कैंसर सेल्स का पता लगा सकता है। ट्यूमर्स खून में एक मिनट में करीब एक हजार कैंसर सेल्स रिलीज कर सकते हैं। कैंसर का पता लगाने का वर्तमान तरीका मरीज से लिए गए सैंपल पर आधारित है। एक बार में करीब एक चम्मच सैंपल लिया जाता है। एक सैंपल में आमतौर पर 10 कैंसर सेल्स होते हैं। कई बार कैंसर का अडवांस स्टेज होने पर भी सैंपल में कोई कैंसर सेल नहीं मिलता है। यूएस के यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के प्रोफेसर डैनियल एफ हेज ने कहा कि कई बायॉप्सी कराना नहीं चाहता। अगर खून से कैंसर सेल्स मिल जाएं तो इससे ट्यूमर के इलाज में सहायता मिलेगी और मरीज को सीधा फायदा पहुंचेगा। यह डिवाइस कुछ घंटों में ही नसों से कैंसर सेल्स पकड़ सकता है। यह खून की काफी ज्यादा मात्रा को चेक करता है। डिवाइस को बनाने में शामिल सुनीता नागरथ का कहना है कि यह ठीक उस तरह है जैसे आप सुरक्षा के लिए किसी दरवाजे पर एक कैमरा लगाएं जो हर पांच मिनट पर तस्वीर लेता है, या फिर एक विडियो कैमरा लगा दें जो लगातार विडियो बनाएं। 5 मिनट के अंतराल में अगर कोई चोर आता है तो कैमरा वह नहीं पकड़ पाएगा।