कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज से गंगा यात्रा पर हैं। इस यात्रा के लिए वह रविवार की रात में ही प्रयागराज आ गई थीं। वह रात में अपनी दादी के घर स्वराज भवन में रूकीं। सुबह 9.30 बजे प्रियंका गंगा यात्रा के लिए स्वराज भवन से निकलीं। प्रियंका गांधी सबसे पहले संगम क्षेत्र स्थित बड़े हनुमान मंदिर पहुंची और वहां हनुमान जी का दर्शन कर उनकी आरती उतारी। इसके बाद उन्होंने किला स्थित अक्षयवट और सरस्वती कूप का दर्शन किया फिर संगम पहुंचीं। संगम में त्रिवेणी की आरती उतार कर उन्होंने मां गंगा का आशीष लिया और वहां से नाव पर बैठकर गंगा के पास अरैल गईं। अरैल में कार से वह करछना के मनैया घाट पहुंची। वहां से वह मोटरबोट में सवार होकर गंगा शुरू कर दी। दुमदुमा घाट पहुंचने पर प्रिंयका गांधी ने कहा कि आवाज उठाने वालों को डराया जा रहा है। 

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता किशोर ने बताया कि स्टीमर से प्रियंका दुमदुमा, सिरसा, लाक्षागृह, महेवा, कौंधियारा में स्थानीय लोगों से मिलेंगी। दौरे के पहले दिन प्रियंका पुलवामा के शहीद महेश यादव के परिजनों से मिलने मेजा स्थित बदल का पुरवा गांव जाएंगी। प्रियंका सीतामढ़ी में रात्रि विश्राम करेंगी। रविवार को यात्रा की तैयारियों के मद्देनजर एसपीजी, प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों और पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने दूसरे दिन भी पूरे रूट का दौरा किया। दोनों टीमें अलग-अलग सीतामढ़ी तक गईं। जिला और शहर कांग्रेस कार्यालय में देर रात तक यात्रा की तैयारी चलती रही। गंगायात्रा को सफल बनाने के लिए सोनिया गांधी के सचिव केएल शर्मा और जुबैर खान दो दिन से प्रयागराज में सभी तैयारियों को देख रहे हैं।

प्रियंका गांधी ने कहा एक किसान ने कहा- हम किसान तो अपने खुद चौकीदार होते हैं
प्रियंका गांधी ने कहा, उनकी (प्रधानमंत्री) मर्जी अपने नाम के आगे क्या लगाएं। मुझे एक किसान भाई ने कहा कि देखिए चौकीदार तो अमीरों के होते हैं, हम किसान तो अपने खुद चौकीदार होते हैं।

प्रियंका गांधी ने सिरसा में किया पैदल मार्च
प्रियंका गांधी ने सिरसा कपशाई गंगा मार्ग पर पैदल मार्च निकाला। उन्होंने यहां लगभग एक दर्जन घरों में लोगों से मुलाकात की और सभी से हाल पूछा। प्रियंका ने सेजल और अंशिका नाम के बच्चियों से पढ़ाई के बारे में भी पूछा।

सिरसा में बैरिकेडिंग छोड़ दूसरे रास्ते से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं प्रियंका
सिरसा में प्रियंका गांधी बैरिकेडिंग छोड़ अचानक दूसरे रास्ते से शिवबाटिका कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं।

सिरसा गंगा घाट पर प्रियंका का इंतजार कर रहे पार्टी कार्यकर्ता 
प्रियंका गांधी दुमदुमा से सिरसा के लिए रवाना हुई। सिरसा गंगा घाट पर प्रियंका का इंतजार कर रहे पार्टी कार्यकर्ता।

आवाज उठाने वालों को डराया जा रहा है- प्रियंका गांधी
दुमदुमा घाट पहुंची प्रियंका गांधी ने युवाओं, किसानों से उनका हाल पूछा। गंगा घाट पर ही लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं और किसानों को कुछ नहीं मिला। सरकार सिर्फ उद्योगपतियों का ही ध्यान दे रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार किसानों का दुख दर्द सुनने को तैयार नहीं है। पिछले 45 सालों के बीच बीतें पांच साल में युवाओं को सबसे कम रोजगार मिला है। गांव में मनरेगा की हालत खस्ता है। छह महीने से मनरेगा मजदूरों को पैसा नहीं मिला। अब तो सरकार किसी की बात सुनने को ही तैयार नहीं है। जिसने भी आवाज उठाई उसे डराया जाता है।

दुमदुमा घाट पहुंचीं प्रियंका गांधी
दुमदुमा घाट पहुंचीं प्रियंका गांधी। मनैया घाट से दुमदुमा घाट जाते हुए प्रियंका दो स्थानों पर रुकीं। प्रियंका ने यहां घाट पर खड़े लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इसी समय संक्षिप्त संबोधन में प्रियंका ने गंगा की दशा पर अपना विचार रखा। प्रियंका ने कहा कि जल्द लोगों से मिलने आएंगी।
प्रियंका गांधी की गंगा यात्रा प्रयागराज से शुरू
संगम में त्रिवेणी की आरती उतार कर प्रियंका ने मां गंगा का आशीष लिया और वहां से नाव पर बैठकर गंगा के पास अरैल गईं। अरैल में कार से वह करछना के मनैया घाट पहुंची। वहां से उन्होंने मोटरबोट में सवार होकर गंगा शुरू कर दी।