कच्छ | लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है| कांग्रेस हाईकमांड के अहमदाबाद के आगमन के समय कच्छ के रापर के कांग्रेस विधायक महिला विधायक के इस्तीफे की राजनीतिक माहौल गर्मा गया| हालांकि विधायक के पति ने खबर को अफवाह बताया| 
गुजरात में 58 वर्ष बाद कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक हुई| बैठक में हिस्सा लेने के लिए पूर्व पीएम मनमोहनसिंह, सोनिया, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा समेत कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमदाबाद में है| इस दौरान आज सुबह राहुल, सोनिया, प्रियंका और पूर्व पीएम मनमोहन के  आगमन पहले कच्छ के रापर के कांग्रेस विधायक संतोकबेन अरेठिया ने कांग्रेस से इस्तीफा देने की खबरों से राजनीतिक माहौल गर्मा गया| सोशियल मीडिया में भी संतोकबेन की इस्तीफे की खबरें चलने लगी| न्यूज चैनल और सोशियल मीडिया में चल रही खबरों के बीच संतोकबेन के पति बचुभाई ने कहा कि संतोकबेन ने कांग्रेस से इस्तीफा नहीं दिया है| वहीं दूसरी ओर विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी को पूछे जाने पर उन्होंने  भी बताया कि मुझे संतोकबेन का इस्तीफा नहीं मिला| गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से क़ांग्रेस के कई विधायकों ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा का भगवा धारण कर लिया| कांग्रेस के दिग्गज नेता कुंवरजी बावलिया से लेकर आशाबेन पटेल, जवाहर चावडा, परसोत्तम साबरिया वल्लभ धारविया ने कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए है| पिछले दिनों में जवाहर चावडा समेत अन्य तीन विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे| लोकसभा चुनाव के साथ साथ गुजरात में दो सीटों पर उपचुनाव होंगे जिसमें गिर सोमनाथ जिले की तालाला और मेहसाणा जिले की ऊंझा विधानसभा सीट पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी| कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे से ये दोनों सीटें रिक्त हुई हैं| ऊंझा की कांग्रेस विधायक डॉ. आशा पटेल ने 8 फरवरी को इस्तीफा दे दिया था| जबकि तालाला के कांग्रेस विधायक भगवान बारड को रु. 2.83 करोड़ की खनिज चोरी के केस में कोर्ट द्वारा 2 वर्ष 9 महीने की सजा सुनाए जाने के बाद गुजरात विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी ने सस्पैंड कर दिया था|