अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और विश्व कप-2019 आयोजन समिति को अब भी विश्वास है कि मैनचेस्टर में 16 जून को होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे. आईसीसी ने हालांकि यह भी कहा है कि वर्ल्ड कप से पहले भारत-पाक संबंधों पर उसकी नजर है. आईसीसी का यह बयान उन अटकलों के बीच आया है, जिसमें कहा जा रहा है कि पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद विश्व कप-2019 में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मैच का बहिष्कार करना चाहिए.

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष डेविड रिचर्डसन ने लंदन में विश्व कप के काउंट डाउन शुरू होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'दोनों बोर्डों की ओर से ऐसे कोई संकेत नहीं हैं कि आईसीसी पुरुष विश्व कप का कोई मैच निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नहीं होगा. हमने अब तक इस बारे में दोनों बोर्ड को नहीं लिखा है.'

आतंकी हमले के मद्देनजर भारत के पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने कहा था कि भारत को 16 जून को मैनचेस्टर में पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलना चाहिए. रिचर्डसन ने कहा,‘ इस भयावह घटना से प्रभावित लोगों के साथ हमारी सहानुभूति है और हम अपने सदस्यों के साथ हालात पर नजर रखेंगे.’
उन्होंने कहा ,‘ऐसे कोई संकेत नहीं है कि आईसीसी पुरुष विश्व कप का कोई मैच निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नहीं होगा.’ उन्होंने कहा ,‘खेल खासकर क्रिकेट में लोगों को करीब लाने और समुदायों को जोड़ने की कमाल की क्षमता है और हम इसी आधार पर अपने सदस्यों के साथ काम करेंगे.’

वहीं, बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने कहा ,‘हरभजन ने अपना पक्ष रखा, लेकिन यह नहीं कहा कि अगर हमें उनके खिलाफ सेमीफाइनल या फाइनल खेलना पड़े तो क्या हम नहीं खेलेंगे. हम काल्पनिक हालात पर बात कर रहे हैं.’

उन्होंने कहा ,‘भारत ने 1999 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेला था, जब कारगिल युद्ध चरम पर था.’ हरभजन ने कहा था कि भारत अगर 16 जून को मैनचेस्टर में पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मैच गंवा भी देता है तो भी इतना मजबूत है कि विश्व कप जीत सकता है.

उन्होंने कहा था ,‘यह कठिन समय है. हमला हुआ है, यह अविश्वसनीय है और बहुत गलत है. सरकार जरूर कड़ी कार्रवाई करेगी. जहां तक क्रिकेट का सवाल है तो मुझे नहीं लगता कि हमें उनके साथ कोई भी संबंध रखना चाहिए वरना ऐसा चलता रहेगा .’