मुंबई । एग्रोकेमिकल कंपनियां तीन साल की सुस्ती के बाद अब जाकर रिकवर कर रही हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इनसेक्टिसाइड्स इंडिया, एक्सेल क्रॉप केयर, शारदा क्रॉपकेम, धानुका एग्रीटेक, रैलिस इंडिया और मॉनसैंटो इंडिया जैसी कंपनियों के स्टॉक्स से अगले एक साल में 20 से 50 प्रतिशत का रिटर्न मिल सकता है। प्रभुदास लीलाधर के एनालिस्ट प्रशांत बियानी कहते हैं,एग्रोकेमिकल इंडस्ट्री में तीन साल बाद रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। ग्लोबल एग्रो केमिकल इंडस्ट्री में मजबूती से लोकल कंपनियों की सेल्स और प्रॉफिट ग्रोथ में तेजी आ रही है। इसकी वजह एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी और ग्लोबल वॉर्मिंग के चलते फसलों में कीड़े लगने के बढ़ते आसार भी हैं। पिछले साल मॉनसून सीजन समय पर शुरू होने, देशभर में वर्षा का वितरण पहले से ज्यादा होने, फसलों में कीड़े लगने का खतरा ज्यादा होने से भी एग्रोकेमिकल्स का इस्तेमाल बढ़ने की उम्मीद है।'
खासतौर पर वर्षा के आसमान वितरण, फसलों में कीड़े लगने की घटनाएं उम्मीद से कम रहने और रॉ मैटीरियल की सप्लाई कम और दाम ज्यादा रहने के चलते एग्रोकेमिकल कंपनियां पिछले कुछ साल से दबाव में चल रही थीं। सेक्टर में टर्नअराउंड होने की उम्मीदों पर पिछले कुछ हफ्तों से फंड मैनेजर और एचएनआई कुछ एग्रोकेमिकल स्टॉक्स में जुटे हुए हैं। जबकि यूपीएल के स्टॉक में इस दौरान 24 प्रतिशत की मजबूती आई है। पीआई इंडस्ट्रीज और ईएलडी पैरी का स्टॉक पिछले तीन महीनों में 15 प्रतिशत तक मजबूत हुआ है। इंडियन कंपनियां इस समय संतुलित तरीके से अपनी प्रॉडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने में लगी हैं। एमएनसी की तरफ से आ रही इंक्वायरी काफी तेजी से एक्चुअल ट्रांजैक्शंस में बदल रही हैं। इससे इंडियन कंपनियों की सेल्स ग्रोथ बढ़ रही है और टेकनिकल मैन्युफैक्चरर्स का यूटिलाइजेशन बढ़ रहा है।