इन्दौर । मज़हब इंसान को जोड़ने का काम करते हैं, एक दूसरे के काम आना और गरीबों की मदद करना बड़ी नेकी का काम है। 
उक्त विचार मुफ्ती हबीब यार ख़ाँ ने माणिकबाग स्थित आज हजरत ख्वाज़ा सुल्तान मोरी वाले बाबा की दरगाह पर ग्यारहवीं शरीफ के लंगर कार्यक्रम में व्यक्त किए। वक़्फ़ कमेटी के सदर इस्माईल खान ने बताया कि इस मौके पर गौसे आज़म की ज़िंदगी पर तक़रीर भी हुई और 51 देग लंगर भी तक़सीम किया गया। जुमे की नमाज़ बाद गौस पाक की निस्बत में ग्यारहवीं शरीफ का लंगर कमेटी की जानिब से वितरित किया गया, जिसमें हजारो लोगों ने हिस्सा लिया। मुफ़्ती हबीब यार ख़ाँ ने फातिहा पढ़ी। कमेटी के सदर जनाब इस्माइल खान ने पेश इमाम व मेहमानों का इस्तकबाल किया। इस मौके मौके पर कमाल भाई ने कहा हमारे किरदार को मिसाली बनाएं और ये शेर सुनाया - जिस की ख़ुश्बू से महक जाए पड़ोसी का भी घर फूल इस क़िस्म का हर सम्त खिलाया जाए।
कार्यक्रम में सुन्नी दावते इस्लामी के नदीम रिजवी,कर्बला कमेटी के अध्यक्ष फ़ारूक़ राईन,सैयद शाहिद अली,जिला वक़्फ़ कमेटी के अध्यक्ष मेहफूज पठान,समाजसेवी फैसल इब्राहीम काजूवाला, हाजी हमीद नियारगर, अमजद खान, जमील लाला, मोहसिन खान, साजिद गुड्डू, बंटी अंसारी, आरिफ शेख, इरफान मंसुरी, सलमान वकील, फहीमउल्ला खान, गुलाम गौस पहलवान आदि मौजूद थे। सामूहिक रूप से देश की खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई। कमेटी के सदस्यों और पदाधिकारियों ने व्यवस्था सम्भालने में विशेष सहयोग दिया। आभार सदर इस्माईल खान ने माना।