जबलपुर। पावर जनरेिंटग वंâपनी द्वारा अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड को लाभ पहुंचाने के लिये एक साल तक महंगे दामों पर विदेशी कोयला खरीदा गया, जबकि उसी समयावधि में सस्ता स्वदेशी कोयला स्टॉक में था, इससे पावर जनरेिंटग वंâपनी को ५१.२४ करोड़ का घाटा हुआ हैं। 
यह तथ्य कन्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट (वैâग रिपोर्ट) में खुलकर सामने आया हैं। वैâग की रिपोर्ट १० जनवरी को प्रदेश विधानसभा पटल पर रखी गई हैं। 
आम नागरिक मित्र फाउण्डेशन ने बैठक आयोजित कर मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर इस पूरे मामलें की जांच कर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया हैं कि यदि १५ दिन के भीतर जांच शुरु नहीं की गई ते इस प्रकरण के संबंध में हाईकोर्ट की शरण ली जायेगी। 
वैâग की रिपोर्ट में कहा गया हैं कि म.प्र.पावर जनरेिंटग वंâपनी ने अपने संजय गांधी, बिरसिंहपुर, सतपुड़ा, सारनी, 
खंडवा, ताप विद्युत इकाई के लिए केवल ७.० एलएमटी विदेशी आयतित कोयले की आर्पूित के लिए मेसर्स अडानी इंटरप्राईजेज लिमिटेड से ५३४.४५ करोड़ का अनुबंध वर्ष २०१५ में किया था। वैâग की रिपोर्ट में बताया गया हैं कि जिस समय अडानी ग्रुप से महंगे दामों में १.७६ एमएमटी कोयला खरीदा गया, उसी दौरान १२.६८ एमएमटी स्वदेशी कोयला स्टॉक में था। इसी कारण सरकार को ५१.२४ करोड़ का घाटा हो गया। 
अधिकारियों ने झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी..........
आम नागरिक मित्र फाउण्डेशन ने बताया कि स्वदेशी कोयले की पर्याप्त मात्रा होने के बावजूद भी पावर जनरेिंटग वंâपनी के अधिकारियों ने विदेशी कोयला खरीदा का अनुबंध अडानी से ग्रुप से समाप्त नहीं किया तथा अधिकारियों ने रिपोर्ट प्रस्तुत किया कि कोयले की आपूर्ति कम होने के कारण अडानी ग्रुप के माध्यम से विदेशी कोयला खरीदा गया। 
आम नागरिक मित्र फाउण्डेशन के अनुसार अधिकारियों का यह कथन गलत हैं तथा जानबूझकर झूठी रिपोर्ट दी गई हैं, इसलिये उनके ऊपर कार्रवाई की जाये। 
बैठक में डॉ.पी.जी.नाजपांडे, रजत भार्गव, डॉ.एम.ए.खान, एड.विनोद सिसोदिया, डॉ.एम.एल.बी.राव तथा राममिलन शर्मा आदि शामिल थे।