रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने करीब 22 करोड़ स्र्पये खर्च कर 514 बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया है। यह जानकारी गुस्र्वार को विधानसभा में प्रस्तुत परफार्मेंस बजट में दी गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित बजट और उसके उपयोग की रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत की।

परफार्मेंस में बताया गया है कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत चार सौ शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य था। इसकी तुलना में 514 को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इसी तरह सरकार ने 1082 उद्योगों को ब्याज अनुदान देने के लक्ष्य के विस्र्द्ध 1294 लघु व मध्यम- वृहद नए उद्योगों की स्थापना तथा उद्योग के विस्तार में मदद दी। इस पर सरकार ने 37 करोड़ से अधिक खर्च किया।

केवल एक उद्योग हुआ स्थापित

सरकार ने औरेठी (बलौदाबाजार), महस्र्मकमला (राजनांदगांव), बनगांव (जशपुर) व लखनपुर (कांकेर) के नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का लक्ष्य रखा था। इस पर 33 करोड़ से अधिक का खर्च अनुमानित था। सरकार ने 14 करोड़ खर्च कर केवल एक ही औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर पाई।

खेल अकादमी में 50 बच्चों पर एक करोड़

खिलाड़ियों को वैज्ञानिक ढंग से प्रशिक्षण देने के लिए रायपुर में डे- बोर्डिंग प्रारंभ की गई। इसमें हाकी व तीरंदाजी के खेल में 40 बच्चों को लाभांवित करने का लक्ष्य था। सरकार ने बताया कि योजना के तहत 50 बच्चे लाभांवित हुए। इस पर एक करोड़ 20 लाख से अधिक की राशि खर्च की गई।
योजना के तहत 220 हेक्टेयर रोपण, 300 हेक्टेयर तैयारी कार्य व 2100 हेक्टेयर में पुराने रोपण के रखरखाव की योजना बनाई थी। विभाग ने आठ करोड़ 33 लाख खर्च कर 140 हेक्टेयर में रोपण, 200 हेक्टेयर में तैयारी व 520 हेक्टेयर पुराने रोपण का रखरखाव किया।

मगरमच्छ खा गए 76 लाख

कोटमी सोनार मगरमच्छ एवं विकास कार्यों पर सरकार ने 76 लाख स्र्पये खर्च किए। इसमें मगरमच्छ संरक्षण केंद्र मरेर सिंहावल सागर में रखे गए मगरमच्छों के भोजन की व्यवस्था भी की गई।