भोपाल। मध्यप्रदेश में मीजल्स और रूबेला टीकाकरण अभियान 15 जनवरी से शुरू होगा। इसी के प्रति जागरुकता फैलाने भोपाल में प्रदेश स्तरीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने  किया। इसमें यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं यूएनडीपी ने आयोजन में साझेदारी की। यूनिसेफ मध्य प्रदेश के संचार विशेषज्ञ अनिल गुलाटी ने बताया कि वर्कशॉप में प्रदेशभर से आऐ करीब 90 मीडिया साथियों ने मीजल्स रूबेला के बारे में जाना। कार्यशाला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशक निशांत वरवड़े ने कहा कि अभियान के शुभारंभ की सारी तैयारियां हो चुकी हैं। 2.32 करोड़ बच्चों को स्कूल, आंगनवाड़ी एवं स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से चार चरणों में निशुल्क टीका लगाया जायेगा। अभियान की जिला एवं राज्य स्तरीय निगरानी भी महत्वपूर्ण भाग में शामिल होगी। वरवड़े ने मीडिया साथियों को प्रदेश भर में मीजल्स और रूबेला अभियान में  महत्वपूर्ण एवं सक्रिय भूमिका निभाने के लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी मीडिया साथी बच्चो के मीजल्स और रूबेला टीकाकरण  पर अपनी ख़बरों एवं स्टोरी के माध्यम समाज में एक ऊर्जावान सन्देश दे सकते हैं। प्रदेश टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष शुक्ला ने मीसल्स रुबेला संक्रमित बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं में लक्षणों के बारे में बताया। उन्होंने अभियान में कोल्ड चेन के मेकेनिस्म एवं ऑटो डिस्पोजल सीरिंज के उपयोग के बारे में भी बताया। राज्य के कोल्ड चेन अधिकारी विपिन श्रीवास्तव ने सभी को कोल्ड चेन वेक्सिन केरीअर को भी दिखाया एवं उसके तापमान को भी समझाया जो कि 2 से 8 डीग्री के बीच रहता है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशक डॉ बी एन चौहान ने कहा कि यह अभियान सरकारी एवं निजी संस्थान जैसे स्कूल, सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य की अन्य सुविधायों द्वारा 9 माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चो तक पहुंचाने का प्रयास करेगा। यूनिसेफ मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ वंदना भाटिया, डब्लू एच ओ इंडिया के रीजनल टीम लीडर अभिषेक जैन, डॉ ओ पी तिवारी डिप्टी डायरेक्टर टीकाकरण, अलोक बिलोरे रोटरी इंटरनेशनल, चंद्रहास शर्मा आई ए पी भी कार्यशाला में उपस्थित थे। 

सभी स्कूलों में चलेगा अभियान
कार्यशाला में एक वक्ता अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में करीब 10 लाख बच्चों में से करीब 70 प्रतिशत स्कूल जाते हैं। इसलिए स्कूलों पर फोकस किया जा रहा है। शिक्षा विभाग के सहयोग से वहां अभियान चलाया जाएगा। सभी स्कूलों के प्राचार्यों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। 

एक नजर में खबर
2 करोड़ 32 लाख बच्चों को लगेगा मीजल्स रूबेला का टीका
50 हजार बच्चे हर साल मीजल्स रूबेला से दम तोड़ देते हैं
मीजल्स रूबेला पीडि़तों को निमोनिया, दस्त और बुखार हो जाता है
09 महीने से 15 साल तक के बच्चों लगेगा टीका
28 राज्यों में करीब 23 करोड़ से ज्यादा बच्चों का लग चुका टीका
अस्पताल, स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों में लगेगा टीका