राजस्थान में कांग्रेस की नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा के पहले सत्र पर संवैधानिक संकट मंडरा रहा है. सत्ता परिवर्तन के बाद अशोक गहलोत सरकार ने 15वीं विधानसभा का पहला सत्र 15 जनवरी से आहूत किया है लेकिन विधानसभा अध्यक्ष कैलाश चंद्र मेघवाल ने सरकार द्वारा शॉर्ट टर्म नोटिस पर विधानसभा सत्र बुलाने का विरोध किया है. दरअसल, शॉर्ट टर्म नोटिस पर सत्र बुलाने से पहले विधानसभा अध्यक्ष और सरकार के बीच औपचारिक बातचीत यानी विचार-विमर्श की परंपरा है.
बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से विधानसभा अध्यक्ष की अनदेखी करते हुए यह सत्र बुलाया तो बात बिगड़ गई. मेघवाल बीजेपी के वरिष्ठ नेता और शाहपुर(भीलवाड़ा) से विधायक हैं. नौवींं बार विधायक चुने जाने वाले मेघवाल 2013 से विधानसभा अध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं.
कैलाश चन्द्र मेघवाल का जन्म 22 मार्च 1934 को उदयपुर के माजवाड़ा गांव में हुआ था. वे पूर्व में केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रह चुके हैं. बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे हैं और इस वर्ष भीलवाड़ा जिले की शाहपुरा सीट से जीते हैं. 15वीं विधानसभा में मेघवाल सबसे उम्रदराज विधायक भी हैं.