बिलासपुर । गुरू घासीदास विश्वविद्यालय की अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी अध्ययनशाला के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग में ४ जनवरी को दोपहर १२ बजे नवीन प्रौद्योगिकी भवन में आमंत्रित विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। ''साइबर फिजिकल सिक्योरिटी इन क्रिटिकल इंप्रâास्ट्रक्चर'' विषय पर आईआईआईटी, इलाहाबाद, यूपी के प्रो. ओ.पी. व्यास ने विशेष व्याख्यान दिया।
विशेष व्याख्यान में प्रो. ओ.पी. व्यास ने साइबर हमले एवं क्रिटिकल इंप्रâास्ट्रक्चर के साइबर हमले से फिजिकल सुरक्षा के हर पहलू के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने साइबर सुरक्षा से संबंधित अवधारणाओं के बारे में बताया तथा जिन देशों ने इन साइबर हमलों का सामना किया, उनके बारे में भी संक्षिप्त उदाहरण देकर समझाया। उन्होंने बताया कि २०१५ में यूक्रेन में सीआई पर पहला साइबर हमला हुआ था जिसके परिणामस्वरूप ब्लैक आउट हो गया था। उन्होंने कहा कि इंटरनेट उपयोग करने वाले देशों की सूची में भारत दुनिया में अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है। उपयोगकर्ताओं की यह संख्या साल २०१२-२०१७ के बीच ६ गुना बढ़ी है। यह ४४ फीसदी की गुणात्मक वार्षिक वृद्धि दर रही है।
उन्होंने बताया कि स्मार्ट शहरों के विकास के लिए आईओटी व सीपीएस बिल्डिंग ब्लॉक्स के रूप में कैसे कार्य करता है। कोई भी देश विभिन्न आईसीटी ढांचे, सरकारी एजेंसियों, परिवहन और वितरण पर निर्भर करता है। अत: विभिन्न तकनीकी विशेषज्ञो द्वारा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को सुरक्षित करने के लिए सशक्त सुरक्षात्मक तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है।