कारोबार की प्रगति भी कई बातों पर निर्भर करती है। कई बार देखने में आता है कि अच्छा खासा चलता हुआ कारोबार ठप्प पड़ जाता है। ऐसे में कुछ उपायों से इसे पहले जैसा किया जा सकता है। 
देखने में आया है कि अगर व्यक्ति मेहनत करता है, परंतु उतना लाभ उसको नहीं मिलता तो वह निराशा में भर जाता है। 
ऐसे निराश व्यक्ति भगवान पर भरोसा रखते हुए इस मंत्र का जाप करें। ईश्वर के आशीर्वाद से व्यापार में अत्यंत लाभ मिलेगा। 
मंत्र : ॐ श्रीं श्रीं श्रीं परमाम् सिद्धिं श्री श्री श्रीं।
ध्यान रहे इस मंत्र को सिद्ध करने के लिए पूर्ण स्वच्छता का ध्यान रखें। 
पूर्ण साफ मन से प्रदोष के दिन स्नान करके प्रभु शिव का ध्यान करते हुए पूर्ण निराहार होकर व्रत (उपवास) रखें। उस दिन अन्न न लें। 
शाम को (गोधूली बेला में) शिवजी का पूजन करें एवं असगंध के फूल को घी में डुबाकर रख लें। 
तीन माला जाप उपरोक्त मंत्र की करें। तत्पश्चात एक माला से मंत्र पढ़ते हुए हवन करें। 
यह प्रयोग 11 प्रदोष तक लगातार करें। पूर्ण फल मिलेगा।