भगवान राम के सबसे प्रिय भक्त हनुमानजी हर संकट को दूर करते हैं, इसलिए उन्हें संकटमोचन के नाम से भी जाना जाता है। यह इसलिए कि हनुमानजी का जप करने से बड़ी से बड़ी परेशानियां दूर भाग जाती हैं। शास्त्रों और पुराणों में हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष बताया गया है। यही कारण है मंगलवार और शनिवार को सबसे ज्यादा हनुमान जी की पूजा होती है पर हनुमान जी के भक्त कई बार जाने-अनजाने ऐसी भूल कर बैठते हैं जिससे उन्हें पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता है। 
मंगलवार और शनिवार के दिन भूलकर भी काले या सफेद कपड़े पहनकर हनुमान जी की पूजा न करें। हनुमान जी को लाल और केसरिया रंग प्रिय है इसलिए इनकी पूजा लाल, केसरिया या पीले वस्त्र में ही करें।
कई हनुमान भक्त मंगलवार के दिन व्रत रखते हैं ऐसे में इन भक्तों को भूलकर भी व्रत के दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।
अगर आप मंगलवार और शनिवार को व्रत रखते है तो अपने घर के पास स्थित हनुमान मंदिर जाकर बंजरगबली के दर्शन जरूर करना चाहिए। बिना दर्शन के व्रत का पारण करने से पूजा का फल प्राप्त नहीं होता।
मंगलवार और शनिवार के दिन भूलकर भी मांस और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।
अगर आपका मन किसी कारण से ठीक नहीं है तो उस दिन हनुमान जी पूजा नहीं करना ही बेहतर होगा। शांत मन और श्रद्धा पूर्वक से ही हनुमानजी की पूजा करने ही पूरा फल प्राप्त होता है।
हनुमान जी की पूजा में कभी प्रसाद के रूप में चरणामृत का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
शास्त्रों में खंडित और टूटी हुई हनुमान जी मूर्ति की पूजा करना भी वर्जित माना गया है। इसलिए भूलकर भी न तो घर पर ऐसी मूर्ति की पूजा करें और न ही रखें।