नई दिल्ली । विश्व में बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों का सीधा संबंध चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से भी है। अब  वॉट्सऐप पर भी इसका चलन हो गया है जो चिंता का विषय है। चाइल्ड पॉर्नोग्राफी भी एक बड़ी समस्या बन कर उभर रही है। अभी हाल ही में इजराइली ऑनलाइन सेफ्टी स्टार्टअप एंटी टॉक्सिन ने खुलासा किया है कि दुनिया भर में वॉट्सऐप पर सैकड़ों चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से जुड़े ग्रुप हैं। इन ग्रुप्स में धड़ल्ले से चाइल्ड पॉर्नोग्राफी शेयर की जा रही है। चौंकाने वाली बात ये है कि इन ग्रुप्स का नाम भी चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से जुड़ा होता है और यहां खुले तौर पर खरीद-फरोख्त होती है।
चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से जुड़े वॉट्सऐप ग्रुप्स भारत में सक्रिय हैं। ज्ञात हो कि ये अवैध है इसका उल्लंघन करने पर कड़ी सजा और जुर्माना दोनों हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल की ऑनलाइन सेफ्टी स्टार्टअप एंटी टॉक्सिन के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर ने कहा, हमने यह भी पाया है कि भारतीय यूजर्स और ग्रुप्स भी चाइल्ड पॉर्नोग्राफी शेयर कर रहे हैं। मेरे पास वो खास नंबर नहीं है, लेकिन वॉट्सऐप ग्रुप अच्छी खासी संख्या में प्लस 91 नंबर्स हैं जो भारत का कोड है। एक अन्य रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि भारत में ऐसे कई ग्रुप्स हैं जिनके नाम चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से जुड़े हैं। उन्होंने अनलिमिटेड वॉट्सऐप ग्रुप नाम का ऐप डाउनलोड किया और इसे चेक किया। उन्होंने पाया कि यहां सिर्फ चाइल्ड लिखने से सजेस्टिव फ्रेज के तौर पर चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से जुड़े ग्रुप्स दिखे।
उन्होंने कहा है कि इन ग्रुप्स में से ज्यादातर भरे हुए हैं और इनमें कोई एक्स्ट्रा एड नहीं किया जा सकता है। इन ग्रुप्स में साफ तौर पर लिखा है कि वो किस लिए हैं और उनका मकसद क्या है। प्रोफाइल फोटो, नाम और इंट्रो हर जगह चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के बारे में लिखा है। रिपोर्ट के मुताबिक इन ग्रुप्स में से कई के ऐडमिन का नंबर अमेरिका का है, जबकि इनकी डीटेल्स हिंदी में लिखी है और इन ग्रुप्स के ज्यादातर मेंबर्स भारतीय ही हैं। वॉट्सऐप ने कई बार ये दावा किया है कि कंपनी इस तरह के अवैध ग्रुप को मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए हटाने का काम करती है। लेकिन अगर इस रिपोर्ट में सच्चाई है तो यह वॉट्सऐप के लिए चेतावनी है।