शिलांग। मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्‍स जिले में 13 दिसंबर से अवैध कोयला खदान में फंसे 15 खनिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की कवायद जारी है। उच्च क्षमता वाले दो सबमर्सिबल पंपों ने मुख्य शॉफ्ट से पानी निकालने का काम शुरू कर दिया है। लेकिन पंप सिर्फ एक घंटे ही काम कर सका, जिसकी वजह से नौसेना के गोताखोर पानी के भीतर थाह लेने के लिए नहीं जा सके। नौसेना और एनडीआरएफ के गोताखोर तलाश और बचाव की दिशा में कुछ खास काम नहीं कर पाए हैं। खदन में पानी का स्तर अब भी 100 फुट से ज्यादा है। अधिकारियों ने बताया कि किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड ने मेघालय सरकार को श्रमिकों के बाहर निकालने के काम में मदद की पेशकश की थी। बचाव अभियान के प्रवक्ता आर सुंगसी ने कहा कि किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड की एक टीम मुख्य शॉफ्ट से पानी निकालने का काम शुरू करने में सफल रही। हालांकि पंप सिर्फ एक घंटे ही चल पाया जिससे नौसेना के गोताखोर पानी का अंदाजा लगाने नीचे नहीं जा पाए। 
सुंगसी ने बताया कि पानी का स्तर पता लगाने के लिए पंप को लगातार 10 से 12 घंटे पानी निकालने का काम करना होगा। कोल इंडिया की उच्च शक्ति वाला एक सबमर्सिबल पंप और ओडिशा के दो अन्य पंप आसपास के खाली पड़े खदानों से पानी निकालने के काम में लगाए गए हैं क्योंकि हो सकता है कि ये खदान आपस में जुड़े हों। खनिकों को बचाने के लिए मशक्कत कर रहे प्रशासन की मदद के लिए ओडिशा दमकल विभाग का एक दल भी गत शुक्रवार को मेघालय पहुंच गया। इस दल को बचाव कार्य के दौरान तीन हेल्मेट मिले थे, जिससे आशंका जताई जा रही है कि कहीं कुछ खनिकों की मौत तो नहीं हो गई।