कोच्चि  केरल उच्च न्यायालय ने कहा है कि बिना सात दिन का पूर्व नोटिस दिए राज्य में हड़ताल नहीं की जा सकती है। उच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी 'केरल चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री' और त्रिशूर के गैर सरकारी संगठन 'मलयाला वेदी अगेंस्ट हड़ताल' की याचिका पर सुनवाई के दौरान की। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस एके जयशंकरन नांबियार की पीठ ने कहा कि अगर पूर्व नोटिस न दी जाए तो लोग हालात से निपटने के लिए अदालत या सरकार से संपर्क कर सकते हैं। अदालत ने कहा कि संविधान लोगों को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। लेकिन विरोध प्रदर्शन ऐसा होना चाहिए जिससे अन्य लोगों के मौलिक अधिकारों का भी हनन नहीं होना चाहिए।