भाजपा को हराने के लिए एकजुट हो रहे विपक्ष के प्रयासो के बीच य़ूपी में सपा बसपा के बीच गठबंधन होना तय माना जा रहा है, जिसमें कांग्रेस फिलहाल हिस्सा बनती नजर नहीं आ रही है। सपा-बसपा का यह कदम कांग्रेस को नहीं भा रहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर दोनों दलों के गठबंधन से नाराज नजर आ रहे हैं। उन्हें लगता है कि कांग्रेस के शामिल न होने से बीजेपी को फायदा होगा।  प्रयागराज में बातचीत करते हुए राज बब्बर ने कहा कि अगर बिना कांग्रेस के सपा-बसपा के बीच महागठबंधन होता है तो इससे सीधा-सीधा फायदा भाजपा को होगा। इसलिए इन दोनों पार्टियों को तय करना है कि वह भाजपा को फायदा पहुंचाना चाहती हैं या बीजेपी को हराना चाहती हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इन दोनों पार्टियों ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में अकेले चुनाव लड़ा था, लेकिन अगर यह कांग्रेस के साथ गठबंधन करके चुनाव मैदान में होतीं तो बीजेपी को और भी ज्यादा सीटों का नुकसान होता। राज बब्बर ने सपा और बसपा से नाराजगी दिखाते हुए कहा कि यह दोनों पार्टियों को तय करना है कि वो क्या कदम उठाती हैं।
राज बब्बर से पूछा गया कि क्या कांग्रेस उत्तर प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। इस पर उन्होंने कहा कि 9 जनवरी को कांग्रेस के सभी राज्यों के प्रमुखों के साथ होने वाली पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की बैठक के बाद ही तय हो सकेगा। हालांकि राज बब्बर का कहना है कि अगर बीजेपी को हराना है तो सभी पार्टियों को मिलकर एक साथ चुनाव लड़ना होगा वरना अलग-अलग लड़ने से फायदा भाजपा को होगा। हालांकि सपा-बसपा गठबंधन अमेठी और रायबरेली की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ सकती हैं। ऐसे में इन दोनों सीटों पर कांग्रेस का मुकाबला सीधे बीजेपी से होगा। जबकि बाकी सीटों पर उसे बीजेपी के साथ-साथ महागठबंधन के उम्मीदवारों से भी दो-दो हाथ करने होंगे।