रायपुर। लोगों में हाथियों के प्रति जागरूकता लाने और हाथियों को नियंत्रित करने के लिए आठ गजराज वाहन सरगुजा वन क्षेत्र में तैनात किए जा रहे हैं। इन वाहनों को मंगलवार को स्वास्थ्य और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने हरी झंडी दिखाकर रखना किया।

उत्तर छत्तीसगढ़ की बड़ी समस्या

छत्तीसगढ़ का उत्तरी क्षेत्र और महासमुंद- धमतरी का इलाका हाथियों से प्रभावित है। यहां कई बड़े हाथी दल स्वच्छंद विचरण करते रहते हैं। आए दिन हाथियों के हमले से लोगों की मौत और फसलों व घरों को नुकसान पहुंचाने की खबरें आती रहती हैं। हाथियों का हमला राज्य की एक बड़ी समस्या है। इससे पहले भी हाथियों को नियंत्रित करने के लिए कई योजनाएं लाई गई हैं, लेकिन इनका विशेष प्रभाव नजर नहीं आया।

ऐसा है गजराज वाहन

गजराज वाहन विशेष सजो-सज्जा युक्त वाहन है जो हाथी दलों को नियंत्रित करने के लिए काम में लाया जाएगा। इस वाहन में सुरक्षा उपकरणों के साथ-साथ हूटर, माइक और लाउड स्पीकर लगे हैं। जाली युक्त वाहन में हाथियों को नियंत्रित करने के लिए उपकरण हैं। इसकी मदद से हाथी प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया जाएगा, साथ ही किसी गांव में हाथी दल के पहुंचने पर एलिफेंट कैचर के साथ यह वाहन निश्चित लोकेशन पर पहुंच कर अपना काम करेगा।