हिंदू मान्यता है कि जोड़ियां भगवान के वहां तय होती हैं, धरती पर सिर्फ रस्म निभाई जाती हैं। फिर भी कई बार ऐसा होता है कि किसी की शादी में बहुत सारी अड़चनें आती हैं और देरी होने लगती हैं। विवाह में देरी से निबटने के लिए ज्योतिष और वास्तु कई उपाय सुझाते हैं। जाने-अनजाने कुछ कारणों से विवाह तय नहीं हो पाता। इस देरी को खत्म करने के लिए कुछ लोग वास्तु टिप्स अपनाते हैं। आज हम भी आपको विवाह में हो रही देरी को खत्म करने के उपाय बता रहे हैं। इन उपायों का वास्तु शास्त्र में उल्लेख किया गया है।
विवाह में देरी कई बार कुंडली में मंगल की दशा खराब होने की वजह से होती है। इसे दूर करने के लिए घर के कमरों के दरवाजों का रंग लाल या गुलाबी कर देना चाहिए। वास्तु शास्त्र के मुताबिक इससे कुंडली में मंगल की दशा मजबूत होती है।
वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि विवाह की उम्र के लोगों को अपने कमरे में खाली टंकी या बड़ा बर्तन बंद करके नहीं रखना चाहिए। साथ ही कमरे में कोई भारी वस्तु रखने के लिए भी मना किया गया है। इससे विवाह में देरी होने की मान्यता है।

विवाह योग्य युवक और युवतियों को अपने बेड के नीचे लोहे का सामान नहीं रखने चाहिए। साथ ही अपने पलंग के नीचे किसी भी तरह के कूड़े-कबाड़ को न रखें।

वास्तु के मुताबिक, विवाह के लिए मिलने जाने पर युवक और युवती को दक्षिण दिशा में अपना मुख करके नहीं बैठना चाहिए। दक्षिण दिशा को मंगल कार्यों के लिए अशुभ माना गया है।
एक अन्य वास्तु टिप्स में कहागया है कि युवक- युवती को पीले रंग की चीजों का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। पीले रंग को गृहस्थ जीवन की खुशहाली की निशानी माना गया है।