मुम्बई । भारतीय महिला एकदिवसीय क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज को पिछले माह हुए कोच विवाद के समय लगा था कि उन्हें अब शायद ही आगे खेलने का अवसर मिलेगा। मिताली ने कहा, ' मुझे लगा था कि मुझे टी20 टीम से निकाल दिया जाएगा और एकदिवसीय की कप्तानी से भी हटा दिया जाएगा। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं फिर कभी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलूंगी।' टी20 कप्तान हरमनप्रीत कौर से विवादों को लेकर मिताली ने साफ किया कि  'मैं कभी किसी की कप्तानी का अपमान नहीं किया ना ही किसी खिलाड़ी के खिलाफ बदले की भावना रखी है। कुछ खिलाड़ी हैं जो मेरे खिलाफ बोलते हैं। फिर भी, कल अगर मुझे उनके खिलाफ कुछ करने का मौका मिलेगा तो मैं उनकी मदद जरूर करूंगी। मैं फिटनेस को लेकर टीम पर बोझ ना बनने की कोशिश कर रही हूं। जब मैं विकेट के बीच दौड़ रही हूं तो मेरे साथी खिलाड़ी को विश्वास होना चाहिए कि मैं रन पूरा कर सकती हूं।'
विवादों को पीछे छोड़ते हुए अब आगे बढ़ने की जरूरत हो गई है और आने वाले समय में भारतीय महिला टीम आगामी न्यूजीलैंड सीरीज पर ध्यान देना चाहती हैं। मिताली ने कहा, 'मैंने अतीत में काफी मुश्किलों का सामना किया है लेकिन इस बार ये सब सार्वजनिक तौर पर हुआ। कई लोग इससे दुखी हुए। ये मेरे लिए सबसे चुनौतीपूर्ण समय था। मैं महिला क्रिकेट को लेकर फैलाई जा रही नकारात्मक छवि को लेकर बहुत निराश ही और उससे बढ़कर इस बात से कि मेरे साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है।'